गुरुग्राम। पारस अस्पताल में एक युवक की किडनी ट्रांसप्लांट के वक्त इलाज में लापरवाही बरतने का मामला प्रकाश में आया है। लापरवाही से युवक की मौत हो गई। युवक की पत्नी ने जब इस मामले में सुशांत लोक थाने में मामला दर्ज कराना चाहा तो पुलिस ने टरका दिया। अब कोर्ट ने पारस अस्पताल व इसके दो डॉक्टरों पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। युवक की पत्नी ने अस्पताल पर इलाज के दौरान बिना तय किए गए 12 लाख रुपये भी मांगने का आरोप लगाया है।
मृतक युवक की पत्नी सोनिया पांडेय की ओर से कोर्ट में वकील मनीष संदीलिया ने बताया कि सोनिया के पति हर्षवर्धन पांडेय को किडनी संबंधी बीमारी थी। उन्हें जनवरी में सेक्टर-43 स्थित पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां डॉ. शिखा गुलिया व पीएन गुप्ता ने हर्षवर्धन की किडनी ट्रांसप्लांट की बात कही। आरोप है कि एक फरवरी को किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती और एक नर्स ने हर्षवर्धन को पानी पिला दिया। इससे उनकी ट्रांसप्लांट हुई किडनी बेकार हो गई, साथ ही उनका ब्रेन भी डेमेज हो गया। इन सब स्थितियों को देखते हुए भी डॉक्टरों ने हर्षवर्धन की पत्नी से इलाज के नाम पर 12 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर डाली। हर्षवर्धन की स्थिति का हवाला देते हुए पत्नी ने जब पुलिस के पास जाने की बात कही तो डॉक्टरों ने छह लाख रुपये की छूट देने की बात कही। हर्षवर्धन की स्थिति और खराब होते देख डॉक्टरों ने उनकी पत्नी सोनिया से कहा कि अस्पताल को उनसे कोई रुपया नहीं चाहिए, वह अपने पति को यहां से ले जाएं। इस पर सोनिया अपने बीमार पति को सेक्टर-56 स्थित घर ले आईं।
घर पर नहीं भेजी एंबुलेंस
घर पर आने के बाद हर्षवर्धन की हालात ज्यादा खराब हो गई। सोनिया ने पारस अस्पताल में फोन कर एंबुलेंस व नर्सिंग स्टाफ भेजने की बात कही। सोनिया ने बताया कि कई घंटे बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची, ऐसे में उसके पति ने घर पर ही दम तोड़ दिया। इस मामले में कोट ने सुशांत लोक थाना प्रभारी को पारस अस्पताल व इसके डॉक्टर शिखा गुलिया और पीएन गुप्ता पर मामला दर्ज करने के आदेश दे दिए हैैं। वहीं मामले की रिपोर्ट सात मई तक कोर्ट को सौंपने के लिए भी कहा है।