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Gurugram News: वक्फ इंजीनियरिंग कॉलेज में नहीं शुरू हो सके रोजगारपरक कोर्स

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नए कोर्स व निशुल्क गेट, नीट, एसएससी, एचएसएससी की कोचिंग योजना को बैठक में दी गई थी मंजूरी
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शेरसिंह डागर
नूंह। करीब 2 वर्ष पहले हरियाणा वक्फ बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया था कि नूंह में बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे इंजीनियर कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को कई नए कोर्स व फ्री में गेट, नीट, एसएससी, एचएसएससी की कोचिंग भी कराई जाएगी। इससे क्षेत्र के युवाओं को एक उम्मीद जगी थी कि उन्हें पहली बार किसी संस्थान में एक बेहतर सुविधा मिलने जा रही है। इतना ही नहीं इसका बोर्ड के अधिकारियों व प्रशासक द्वारा जोर-शोर से प्रचार प्रसार भी किया गया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई अमल नहीं किया गया है।

वक्फ बोर्ड ने यह फैसला अंबाला में हुई बोर्ड की बैठक में लिया था। यह बैठक बोर्ड के प्रशासक एवं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी जाकिर हुसैन की अध्यक्षता में हुई थी। जिसमें बोर्ड के सभी अधिकारी मौजूद थे। कई घंटे चली इस महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे मेवात इंजीनिरिंग कॉलेज पल्ला (नूंह) में बेहतर शिक्षा व कॉलेज क्षेत्र की बेहतरी सहित कई अहम पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। हालांकि, यह कॉलेज पैसे के अभाव में रेंग-रेंग कर चल रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी सत्र में इस कॉलेज ऑफ फार्मेसी के नाम से बी फार्मा, डी फार्मा व एएनएम के कोर्स भी कराए जाएंगे। इसको बैठक में मंजूरी दे दी गई थी।
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मौके पर ही निदेशक मेवात इंजीनिरिंग कॉलेज को आदेश दिए गए कि इनको आगामी सत्र से ही शुरू किया जाए, लेकिन आज तक शुरू नहीं हुआ। इसके लिए धनराशि का इंतजाम भी कर दिया गया था। उस समय बताया गया था कि इन कोर्सों को चलाने के लिए विशेषतौर से मेवात क्षेत्र की लड़कियों को दाखिले में प्राथमिकता देने बारे में आदेश भी पारित किए गए। इस मौके पर कॉलेज निदेशक ने कॉलेज के स्टाफ के वेतन समेत कुल खर्च के बजट 1.24 करोड़ को मंजूरी दे दी गई थी, जिसमें से 94 लाख रुपये का चेक निदेशक को सौंप दिया गया था। अगले वर्ष से एक करोड़ की राशि की मंजूरी दी गई थी। इस वक्फ कॉलेज को नेशनल बोर्ड ऑफ ऐकरिडेशन से संबंद्ध करवाने के लिए भी मंजूरी दी गई थी। इससे भविष्य में कॉलेज में नए-नए डिप्लोमा कोर्सेज तथा एमटेक प्रोग्राम भी आरंभ किए जा सकते हैं।
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-हमारी हर संभव कोशिश है कि वक्फ इंजीनियरिंग कॉलेज के जरिये युवाओं को रोजगारपरक बनाया जाए। करीब एक दर्जन नए छोटे-बड़े कोर्स और शुरू किए जाने थे। कम खर्चे पर युवाओं को रोजगारपरक बनाना वक्फ बोर्ड व उनका उद्देश्य है। लेकिन, बोर्ड की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अभी ये योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। कोशिश जारी है। -डॉ. रफी, निदेशक, मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज पल्ला
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