यूनियन ने वेतन और रिहाई की मांग उठाई
इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और जगह-जगह पुलिस बल तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। आईएमटी मानेसर क्षेत्र में बृहस्पतिवार को हुए हंगामे के बाद शुक्रवार को स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात रहा।
रिचा एक्सपोर्ट, सत्यम ऑटो, मुंजाल शोवा और मॉडलमा एक्सपोर्ट जैसी कई बड़ी कंपनियों के बाहर दिनभर पुलिस की निगरानी बनी रही। इसके अलावा कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। कुछ कंपनियों में शुक्रवार से शांतिपूर्वक काम हुआ। बृहस्पतिवार को कर्मचारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद शुक्रवार को माहौल शांत नजर आया। कई कर्मचारी सुरक्षा के बीच अपने-अपने काम पर लौटे और फैक्ट्रियों में काम धीरे-धीरे शुरू हुआ। हालांकि, कुछ कंपनियों में अब भी काम पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में धारा 163 लागू कर रखी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और हालात पर नजर बनाए हुए है। वहीं, कंपनियों ने अपने गेट पर सरकार की ओर से बढ़ी सैलरी का नोटिस चस्पा कर दिया है।
हड़ताल के कारण कई कंपनियों का काम प्रभावित हुआ था, जिससे उत्पादन भी ठप पड़ गया था। वहीं, कुछ कर्मचारी अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी बढ़ी हुई सैलरी नहीं आ जाएगी, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। फिलहाल प्रशासन और कंपनियां स्थिति को सामान्य करने की कोशिश में जुटी हैं, ताकि औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह से फिर से शुरू हो सकें और किसी तरह का तनाव दोबारा न हो। हालांकि एक-दो कंपनियों में अवकाश कर दिया गया है।
गिरफ्तार मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए
मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों के मुद्दों को लेकर ट्रेड यूनियन काउंसिल ने प्रशासन से बातचीत तेज कर दी है। यूनियन के प्रतिनिधियों ने जिला अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, मानेसर की पुलिस कमिश्नर प्रबीना पी, एसीपी मानेसर वीरेंद्र सिंह सैनी, एसडीएम, सुरेंद्र यादव, डीएलसी नवीन शर्मा, एलसी कुशल कटारिया से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने कहा कि गिरफ्तार मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए और आगे से मजदूरों की गिरफ्तारी बंद की जाए। इस दौरान यूनियन की टीम मानेसर सेक्टर थाने में भी मौजूद रही और गिरफ्तार मजदूरों को छुड़ाने की कोशिश करती रही। वहीं, गिरफ्तार मजदूरों को कोर्ट में भी पेश किया गया। सरकार को भेजे गए पत्र में यूनियन ने कई अहम मांगें रखीं। इनमें न्यूनतम वेतन 23,196 रुपये करने और इसका तुरंत नोटिफिकेशन जारी करने की मांग शामिल है। इसके अलावा मानेसर और गुरुग्राम में लागू धारा 163 हटाने, मजदूरों पर पुलिस कार्रवाई रोकने और घायल मजदूरों का इलाज कराने की भी बात कही गई है। यूनियन ने ओवरटाइम काम का दोगुना वेतन देने, सभी मजदूरों को सरकारी रेट पर एलपीजी गैस उपलब्ध कराने और आंदोलन कर रहे मजदूरों की सभी मांगें जल्द पूरी करने की मांग भी उठाई। साथ ही बल प्रयोग की न्यायिक जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की भी मांग की गई। ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर सरकार औद्योगिक क्षेत्र में शांति चाहती है, तो इन मांगों पर जल्द फैसला लेना होगा।
वर्जन
क्षेत्र में अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। कर्मचारी वापस काम पर लौटने लगे हैं और कंपनियों में काम फिर से शुरू हो रहा है। सुरक्षा के लिए कई कंपनियों के बाहर पुलिस तैनात है, जो लगातार निगरानी कर रही है। -
दर्शन यादव, एसडीएम, मानेसर