संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। बिजली निगम की लापरवाही के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। लंबे समय से घर-घर जाकर मीटर रीडिंग नहीं ली जा रही, जिसके चलते कर्मचारी कार्यालय में बैठकर ही अनुमानित बिल भेज रहे हैं। अब अचानक 20 से 42 हजार रुपये तक के भारी-भरकम बिल आने से उपभोक्ताओं के होश उड़े हुए हैं।
उपभोक्ता सीटू शर्मा का कहना है कि दुकान के बाहर लगे मीटर की रीडिंग कभी नहीं ली गई। पहले सामान्य बिल भरते थे, लेकिन अब अचानक 19,400 रुपये का बिल थमा दिया गया। जबकि अंजना देवी ने बताया कि नियमित बिल भुगतान के बावजूद 41,700 रुपये का बिल मिला। वहीं, बृजमोहन शर्मा के अनुसार पिछले महीने बिल भरा था, फिर भी 19,200 रुपये का नया बिल आया। इसके अलावा उपभोक्ताओं का कहना है कि सैकड़ों लोगों को ऐसी ही समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सभी मीटर घरों के बाहर या खंभों पर लगे हैं, फिर भी नियमित रीडिंग न लेना निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाता है।
इस पर तावड़ू बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि गलत या एवरेज बिलों को ठीक किया जा रहा है। विभाग को ऊपर से सूची मिली है और मीटर की फोटो लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से लिखित में शिकायत देने को कहा है, जिसके बाद बिल में सुधार किया जाएगा। उपभोक्ताओं की मांग है कि निगम नियमित रूप से मीटर रीडिंग ले और पारदर्शी तरीके से बिलिंग करे, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न आए। फिलहाल निगम की लापरवाही मध्यम वर्ग के लिए बड़ा आर्थिक बोझ बन रही है। इसके साथ-साथ बिजली निगम की ओर से उपभोक्ताओं को सुझाव दिए गए हैं कि गलत बिल की शिकायत के लिए नजदीकी बिजली कार्यालय में लिखित आवेदन दें, टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करें, मीटर की फोटो और पिछले बिलों की कॉपी साथ रखें।