साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय और बाउंड्री वॉल की स्थिति होगी ठीक
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की खराब होती व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग की जांच में सामने आया कि कई स्कूलों में साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय और बाउंड्री वॉल की स्थिति ठीक नहीं है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने स्कूलों में तुरंत छोटे मरम्मत कार्य कराने के आदेश दिए हैं। इसमें टूटी दीवारों की मरम्मत, फेसिंग के नल को दुरुस्त करना, शौचालयों की सफाई व मरम्मत और स्कूल परिसर से कचरा हटाना शामिल है।
जिले में 368 प्राइमरी स्कूल, 83 मिडिल स्कूल, 32 हाई स्कूल और 95 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल और हेडमास्टर को इन कामों की जिम्मेदारी दी है। उन्हें स्थानीय स्तर पर एक कमेटी बनाकर यह कार्य जल्द पूरे करवाने होंगे। इन कार्यों के लिए एक लाख रुपये तक की राशि स्कूल स्तर पर खर्च की जा सकेगी, जबकि कुल वार्षिक सीमा पांच लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को इन कार्यों की निगरानी करने और मुख्यालय को साप्ताहिक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी स्कूल में पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है तो वह सात दिन के भीतर मुख्यालय को प्रस्ताव भेज सकता है।
-
किसी भी स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की कमी स्वीकार्य नहीं होगी। सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरम्मत कार्यों में तेजी लाते हुए तय समय में इन्हें पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और जहां आवश्यकता होगी, वहां अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर माहौल मिल सके। - इंदू बोकन, जिला शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम