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Gurugram News: नोएडा, गाजियाबाद में कम, बाकी एनसीआर पर मेहरबान हुआ मानसून

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मानसून की दस्तक के दो माह- दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई दर्ज
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दिल्ली के 10 जिलों में केवल दक्षिण दिल्ली में कम, बाकी 9 में बादलों ने ज्यादा भिगोया



अमित कुलश्रेष्ठ

गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इससे सटे आसपास के क्षेत्रों में इस बार मानसून के बादल मेहरबान हैं। मानसून की दस्तक को दो महीने हो चुके हैं, जिनमें बादलों ने गाजियाबाद और नोएडा को छोड़कर बाकी सभी जिलों को झमाझम बारिश की सौगात दी है। सामान्य से ज्यादा बारिश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इसके पास दर्ज की गई है। केवल नोएडा और गाजियाबाद में कम बारिश दर्ज की गई है। इन दोनों जगहों पर सामान्य से 60 से 64 फीसदी तक बारिश कम हो पाई है। इसका असर भूगर्भ जल स्तर पर पड़ने के साथ खेती पर भी पड़ना तय है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की मानसून के दो माह पूरे होने पर आई रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई और अगस्त में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और हरियाणा में बीते साल से बेहतर बारिश दर्ज की गई है। एनसीआर में शामिल गुरुग्राम बारिश में जलभराव की तस्वीरों के कारण बेशक चर्चित रहा हो लेकिन यहां 16 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। यहां जुलाई और अगस्त के महीनों में सामान्य से 59 मिमी बारिश ज्यादा हुई है। यही हाल दिल्ली का रहा जहां दस जिलों में से केवल एक जिले दक्षिण दिल्ली में बारिश 16 फीसदी कम रही, लेकिन अन्य सभी जिलों में बादल झूमकर बरसे। सबसे ज्यादा सेंट्रल दिल्ली को बादलों ने भिगोया, जहां 503 मिमी के मुकाबले 742.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। यह 48 फीसदी तक ज्यादा है।
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हरियाणा के 22 जिलों में से छह में कम हुई बारिश

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ हरियाणा को मानसून के बादलों ने ऐसी सौगात दी है जिसे सहेजा जाए तो पूरे साल भूगर्भ जल स्तर में कमी से बचा जा सकता है। मानसून के दस्तक देने के बाद इन दो महीनों में हरियाणा के 22 जिलों में से केवल 6 जिलों में ही बारिश कम हुई है। इनमें अंबाला में सामान्य से 35 फीसदी, पंचकुला में 41 फीसदी, कैथल में 16 फीसदी, करनाल में 12 फीसदी, जींद में 11 फीसदी और भिवाड़ी में 4 फीसदी बारिश सामान्य से कम रिकॉर्ड की गई है। वहीं, 16 जिलों में आसमान से अमृत की बारिश बेहतर रही है। मौसम विज्ञानी एके मिश्रा के मुताबिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग और तालाबों के जरिए इस पानी को सहेजा जाए तो एक साल तक भूगर्भ जल में गिरावट नहीं होगी। सड़कों के किनारे, पार्क में रेन वाटर हार्वेस्टिंग करके जलभराव से भी बचा जा सकता है।



राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिलों का हाल

जिला बारिश हुई सामान्य बढ़ोतरी/कमी

गुरुग्राम 438.4 379 16%
पलवल 368.8 302 22%
नूंह 567 357.3 59%
फरीदाबाद 416.2 412 1%
नोएडा 123.2 342.2 -64%
गाजियाबाद 138.4 344.8 -60
(सभी आंकड़े मिमी में हैं...)


हरियाणा में इन जिलों में झूमकर बरसे बादल

जिला बारिश हुई सामान्य बढ़ोतरी

महेंद्रगढ़ 640.3 318.7 101%
झज्जर 489.8 288 70%
कुरुक्षेत्र 501 307.3 63%
फतेहाबाद 313.3 199.7 57%
रोहतक 493.7 360 37%
(सभी आंकड़े मिमी में हैं...)

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