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Gurugram News: ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में नलों से मिलेगा पेयजल

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बूस्टिंग स्टेशन तक 7.6 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जलापूर्ति नेटवर्क विकसित कर रहा है। इसके तहत करीब 7.6 किलोमीटर लंबी मास्टर पाइप लाइन बिछाई जानी है। ग्वाल पहाड़ी बूस्टिंग स्टेशन को सेक्टर-72 स्थित बूस्टिंग स्टेशन से नहरी पानी की आपूर्ति की जाएगी।
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित ग्वाल पहाड़ी विकास योजना-2021 के तहत जीएमडीए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण करा रहा है, जिसका लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जीएमडीए के अनुसार 4000 किलोलीटर क्षमता वाले बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण अंतिम चरण में है। जलाशय (टैंक) का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसके अलावा बूस्टिंग स्टेशन से विभिन्न क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने के लिए अलग एजेंसी को पाइप लाइन बिछाने का कार्य सौंपा गया है। बूस्टिंग स्टेशन को जोड़ने के लिए 450 मिमी व्यास की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके अतिरिक्त 600 मिमी, 500 मिमी, 400 मिमी और 300 मिमी व्यास की पाइपों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
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अधिकारियों के अनुसार ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र को सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 20 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इस परियोजना के तहत कुल 7.6 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। कार्य को पूरा करने की अवधि 12 माह निर्धारित है। वर्तमान में जीएमडीए का मास्टर जलापूर्ति नेटवर्क सेक्टर-58/59 तक बिछाया जा चुका है, जहां से ग्वाल पहाड़ी बूस्टिंग स्टेशन की इनलेट लाइन जोड़ी जाएगी। आवश्यक पाइपों की आपूर्ति मिलने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है। पाइप लाइन बालियावास गांव से होकर ग्वाल पहाड़ी तक बिछाई जाएगी। इस योजना पर करीब 3.63 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

भूजल दोहन पर लगेगी रोक
ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र दिल्ली के आया नगर क्षेत्र से सटा हुआ है और यहां तेजी से शहरी विकास हो रहा है। क्षेत्र में कई हाईराइज सोसाइटियां और आवासीय परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। वर्तमान में पर्याप्त जलापूर्ति व्यवस्था नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में भूजल का दोहन किया जा रहा है। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित ग्वाल पहाड़ी रियल एस्टेट गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यहां कई निजी डेवलपर्स की आवासीय परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इसी के अनुरूप जीएमडीए जलापूर्ति संबंधी आधारभूत ढांचे को विकसित कर रहा है।

गांवों और सोसाइटियों को मिलेगा लाभ
ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में बंधवाड़ी, बालियावास, ग्वाल पहाड़ी और घाटा पहाड़ी समेत कई गांव स्थित हैं। बंधवाड़ी में नगर निगम का कूड़ा निस्तारण संयंत्र होने के कारण स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से भूजल की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताते रहे हैं। नहरी पानी की आपूर्ति शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों की भूजल पर निर्भरता कम होगी और उन्हें नियमित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
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ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में नहरी जलापूर्ति शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण अंतिम चरण में है। साथ ही पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
- अभिनव वर्मा, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए
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