जयपुर के प्रताप संस से ऑनलाइन खरीदी थी महिला ने ड्रेस
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। समय पर महिला को ड्रेस न पहुंचने पर उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को मुआवजे के साथ रुपये वापस करने का आदेश दिया है। उन्होंने करीब 55 हजार रुपये में राजस्थान के जिला जयपुर स्थित प्रताप संस से ड्रेस खरीदी थीं। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
साइबर सिटी निवासी हेमाली शर्मा ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने 28 अक्तूबर 2023 को प्रताप संस से करीब 52 हजार रुपये में सात ड्रेस खरीदी थीं। उन्हें तीन और पांच नवंबर को एक कार्यक्रम में पहनी थी। उन्होंने 31 अक्तूबर को ड्रेस के लिए 26 हजार रुपये उनकी कंपनी को भेज दिए थे। कंपनी की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि वह तीन नवंबर से पहले ही ड्रेस को भेज देंगे लेकिन ड्रेस समय से नहीं आई।
इसकी वजह से उन्हें अपनी पुरानी ड्रेस ही पहननी पड़ीं। उनके पास छह नवंबर को जब ड्रेस उनके पास पहुंची तो उनसे तीन हजार 110 रुपये अतिरिक्त मांगे गए। उन्होंने कंपनी में फोन किया तो उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह अभी रुपये दे दीजिए बाद में उन्हें वापस कर दिए जाएंगे। अतिरिक्त रुपये देने के बावजूद उन्हें अपनी ड्रेस समय से नहीं मिल सकी थी। इस मामले में प्रताप संस की तरफ से कोई भी जवाब आयोग में नहीं दिया गया।
आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया है कि प्रताप संस 55 हजार रुपये नौ प्रतिशत से शिकायतकर्ता को वापस करें। इस दौरान उनको हुई मानसिक परेशानी पर 33 हजार रुपये का मुआवजा दें और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 11 हजार रुपये दिए जाएं।