जलभराव का स्थायी समाधान तलाशने के लिए जीएमडीए, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त कार्ययोजना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बजघेड़ा अंडरपास पर जल भराव को रोकने के लिए सतही नालियों का निर्माण कराया जाएगा। इन नालियों को जीएमडीए की लेग-1 मास्टर ड्रेन से जोड़ा जाएगा, जिससे बारिश का पानी तेजी से मुख्य ड्रेनेज नेटवर्क में पहुंच सके।
बजघेड़ा अंडरपास पर हर बारिश में होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए), नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। तीनों एजेंसियां मिलकर स्टॉर्म वॉटर मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए इंजीनियरिंग उपाय लागू करेंगी, ताकि आगामी भारी बारिश से पहले समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। यह फैसला तीनों विभागों के अधिकारियों की समन्वय बैठक में बुधवार को लिया गया।
लगातार जलभराव से लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और अधिकारियों को एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए। संयुक्त निरीक्षण कर कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। योजना के अनुसार एनएचएआई अंडरपास की ओर बारिश के पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए अप्रोच रोड पर टेबल टॉप तैयार करेगा। साथ ही मौजूदा संप वेल और पंपिंग सिस्टम का निरीक्षण कर उनकी क्षमता का आकलन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मरम्मत और अपग्रेडेशन किया जाएगा। वहीं, लोक निर्माण विभाग (बी एंड आर) अंडरपास की ओर आने वाले वर्षा जल को रोकने के लिए सतही नालियों का निर्माण करेगा। इन नालियों को जीएमडीए की लेग-1 मास्टर ड्रेन से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार तीनों एजेंसियां निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के लिए संयुक्त रूप से निगरानी करेंगी।