जीएमडीए पूरे शहर में नए सिरे से ड्रेनेज लाइन का कराने जा रहा सर्वे, इसी आधार पर होगा कार्य
मनोज धर द्विवेदी
गुुरुग्राम। साइबर सिटी में जल निकासी को और अधिक बेहतर किया जाएगा। इसके लिए मास्टर प्लान-2031 को ध्यान में रखकर शहर में मौजूदा जल निकासी योजनाओं के विस्तृत अध्ययन और भविष्य में जल निकासी योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए जीएमडीए परामर्शदाता का सहयोग लेगा। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार जीएमडीए शहर में ड्रेनेज सिस्टम में सुधार कराएगा और जरूरत के अनुसार नया सिस्टम विकसित करेगा। एजेंसी चयन के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
शहर में बारिश के पानी की निकासी के बेहतर इंतजाम नहीं है। ऐसे में शहर के कई भागों में हल्की बारिश में जल भराव की समस्या रहती है। पानी निकासी के लिए नगर निगम और जीएमडीए को पंप समेत अन्य उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है। दूसरा जल भराव होने से सरकार की किरकिरी होती है। पिछले साल पाश इलाके डीएलएफ में नाव चलाने तक की नौबत आ गई थी। ऐसे में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) मास्टर प्लान-2031 को ध्यान में रखकर नए सिरे से शहर में पानी निकासी के इंतजामों को दुरुस्त कराना चाहता है। इसके लिए एक कंसल्टेंट रखने जा रहा है जोकि शहर में वर्तमान ड्रेनेज सिस्टम और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रिपोर्ट तैयार करेगा। जीएमडीए के एक अधिकारी ने बताया कि एचएसवीपी और नगर निगम क्षेत्र में पानी निकासी के इंतजाम अलग-अलग हैं। कई जगहों पर अभी ड्रेनेज नेटवर्क बेहतर नहीं है। पुराने शहर के साथ सेक्टरों में भी लोगों को जल भराव से जूझना पड़ता है। उनका कहना है कि शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है। नए सेक्टर भी विकसित हो रहे हैं। ऐसे में मास्टर प्लान 2031 को ध्यान में रखकर बरसाती पानी निकासी का सिस्टम विकसित करने की योजना है। दूसरा कई जगहों पर लोगों ने प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाया हुआ है। एक निजी के सर्वे में पूरी बात सामने निकल कर आएगी। इसके लिए जीएमडीए ने टेंडर जारी कर दिया है। इस कार्य को छह माह में पूरा कराया जाना है। बता दें कि गुरुग्राम मेट्रो के लिए कराए सर्वे के अनुसार साल 2025 में जनसंख्या 25,85,84 होने का अनुमान है। वहीं, साल 2031 तक 42,50,000 और साल 2041 में 50,75,000 जनसंख्या होने का अनुमान है।
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शहर में तीन प्रमुख नाले
जीएमडीए के तीन प्रमुख बरसाती नाले हैं जो शहर के बरसाती पानी को नजफगढ़ नाले तक ले जाते हैं। लेग 1 ड्रेन (सिकंदरपुर से पालम विहार वाया नजफगढ़), लेग 2 ड्रेन (सेक्टर 42 हुडा सिटी सेंटर से नजफगढ़) और लेग 3 ड्रेन (घाटा गांव से वाटिका चौक, हीरो होंडा चौक, सेक्टर 99 से नजफगढ़ ड्रेन) जिसे बादशाहपुर ड्रेन भी कहा जाता है। जीएमडीए ड्रेनेज नेटवर्क की तार से फेसिंग करा रहा है ताकि लोग ड्रेन में कूड़ा-कचरा नहीं डाल पाए। जीएमडीए सेक्टर सोहना रोड पर वाटिका चौक से एनएच 8 तक दक्षिणी पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के साथ लगते हुए मास्टर ड्रेन) लेग 4 का निर्माण भी कर रहा है।
मास्टर प्लान 2031 को ध्यान में रखकर शहर में ड्रेनेज नेटवर्क पर काम किया जाना है। इसके लिए एक एजेंसी को रखा जाएगा तो पूरे शहर का सर्वे कर रिपोर्ट देगी। पुरानी लाइनों को ठीक कराने और जरूरत के अनुसार नई बनाई जाएगी। इस कार्य को छह माह में पूरा कराने का लक्ष्य है।-विक्रम सिंह, कार्यकारी अभियंता जीएमडीए इंफ्रा-2
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शहर में जनसंख्या (संभावित)
साल- जनसंख्या-
2025- 25,85,848
2031- 42,50,000
2041- 50,75,000
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ड्रेनेज लाइन-जीएमडीए
मास्टर ड्रेनेज लाइन-150 किमी
सरफेस ड्रेनेज लाइन-550 किमी