सेक्टर-नौ से उद्योग विहार तक मेट्रो कॉरिडोर पर किए जाएंगे तैयार, जाम से निजात मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) मेट्रो कॉरिडोर में बनने वाले पांच अंडरपास (ग्रेड सेपरेटर) को सिरे चढ़ाने में जुट गया है। जीएमआरएल ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) से इन अंडरपास के बारे में जानकारी मांगी है ताकि परियोजना पर काम आगे बढ़ाया जाए।
जीएमआरएल, जीएमडीए से यह जानना चाहता है कि यह व्यापक गतिशीलता प्रबंधन योजना-2020 के आधार पर ही बनेंगे या इसमें कोई बदलाव होना है। इस परियोजना पर करीब 350 करोड़ की लागत संभावित है।
जीएमआरएल की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.5 किलोमीटर मेट्रो रूट का निर्माण किया जाना है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी से सेक्टर नौ तक सिविल वर्क पर 1286 करोड़ खर्च होंगे। मेट्रो कॉरिडोर में जीएमडीए का बख्तावर चौक अंडरपास का निर्माण कार्य आ रहा है जिसकी जिम्मेदारी जीएमडीए ने जीएमआरएल को पहले ही सौंप दी है। करीब 80.45 करोड़ रुपये की लागत से इस कार्य को मेट्रो के साथ किया जाएगा। दूसरा सेक्टर नौ से उद्योग विहार के बीच पांच अंडरपास का निर्माण किया जाना है। इस परियोजना को जीएमडीए बोर्ड से मंजूरी मिली हुई है।
जीएमआरएल दूसरे चरण के मेट्रो स्टेशनों के सिविल वर्क के लिए स्ट्रक्चरल डिजाइन तैयार करा रहा है। इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी होगा। जीएमआरएल की योजना है कि कॉरिडोर में आने वाले अंडरपास को भी इसी टेंडर में शामिल कर लिया जाए। ऐसे में जीएमआरएल ने जीएमडीए से पांचों अंडरपास के बारे में जानकारी मांगी ताकि उसी अनुसार कार्य किया जा सके। हालांकि जीएमडीए के एक अधिकारी ने बताया कि अब इन चौक पर अंडरपास को लेकर ट्रैफिक सर्वे और डीपीआर बनाने का काम जीएमआरएल को करना है। इस बारे में एक बैठक प्रस्तावित है। जीएमआरएल ने मेट्रो के लिए सिस्ट्रा एजेंसी डिजाइन के लिए रखा है।
इन जगहों पर अंडरपास बनेंगे
सेक्टर 3ए/4/5 में रेलवे रोड चौक, रेलवे रोड के साथ सेक्टर 5 जंक्शन से शीतला माता रोड (वन वे), बजघेरा रोड से सेक्टर 5 (वन वे) के साथ कृष्णा चौक, रेजांगला चौक, पालम विहार रोड से उद्योग विहार तक पुरानी दिल्ली रोड और पालम विहार रोड के जंक्शन पर काम होगा। पांचों के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 350 करोड़ रुपये हैं। पुराने शहर के लोगों को इससे जाम से राहत मिलेगी। जीएमडीए ने व्यापक गतिशीलता प्रबंधन योजना-2020 (मोबिलिटी प्लान) में ये ग्रेड सेपरेटर तय है। अब जीएमडीए को देखना है कि पहले सर्वे के आधार पर बनेंगे या इसमें कोई बदलाव कराया जाएगा। ऐसे में जीएमआरएल, जीएमडीए ने विस्तार से इस पर चर्चा करना चाहता है। जीएमडीए के अनुसार ही इन पर आगे कार्य होंगे।