- लैब टेक्नीशियन महीनों से छुट्टी पर, वार्ड बॉय बना फार्मासिस्ट, अस्पताल पहुंचने का रास्ता भी बदहाल
उदय राज पेटल
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर के अर्बन पीएचसी के बाहर बोर्ड पर बड़े अक्षरों में लिखा है- आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आरोग्यम परमं धनम्। लेकिन अस्पताल की जमीनी तस्वीर इससे बिल्कुल अलग है। सुबह 12 बजे तक डॉक्टर का चैंबर खाली मिला, फार्मासिस्ट नदारद था और दवा काउंटर वार्ड बॉय संभाल रहा था। यह दृश्य देखकर कर लगता है कि जिम्मेदारों ने आरोग्य मंदिर को भगवान भरोसे छोड़ रखा है। इतना ही नहीं, अस्पताल तक पहुंचने वाला करीब 50 मीटर का रास्ता भी कीचड़ और कूड़े से पटा है। ऐसे में मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवतियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह 10 बजे से पांच-छह मरीज डॉक्टर के इंतजार में बाहर बैठे थे। एक महिला ने बताया कि वह दो घंटे से इंतजार कर रही है, लेकिन डॉक्टर के आने की कोई जानकारी नहीं दी गई। दवा काउंटर पर फार्मासिस्ट की जगह वार्ड बॉय मरीजों को दवाएं देता मिला। उसके मुताबिक, पीएचसी में रोजाना करीब 50 से 60 मरीज पहुंचते हैं।
तीन महीने से बंद पड़ी लैब
पीएचसी की लैब भी लंबे समय से बंद पड़ी है। बताया गया कि लैब टेक्नीशियन पिछले तीन महीने से छुट्टी पर है। लैब में धूल और जाले जमा हैं। शुगर, खून और यूरिन जैसी सामान्य जांच नहीं होने से मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसके लिए उन्हें 1000 से 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
अस्पताल का शौचालय और परिसर भी गंदगी से घिरा है। दीवारों का प्लास्टर उखड़ा है और फर्श पर कचरा फैला है। बाहर सड़क पर पानी और कीचड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई महीनों से सफाई की समस्या बनी हुई है और शिकायतों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
पत्नी के टीकाकरण के लिए आए हूं, अंदर आने का रास्ता खराब है इसलिए ई-रिक्शा चालक आधे रास्ते से ही लौट गया। -अन्नू शर्मा, परिजन
बेटी के हाथ में इन्फेक्शन की समस्या है, सोमवार को आया था डाक्टर नहीं मिले और आज भी नहीं हैं। -धीरज, परिजन
सरकार गर्भवती को अस्पताल बुलाती है, पर अंदर का आने का रास्ता नहीं सही कराती है। -नितीश मंडल, परिजन
यह अरोग्य मंदिर नहीं कूड़े का मंदिर है, जहां कूड़े की बदबू से जनता तडप रही है। -शिवानंद यादव, मरीज
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एएनएम की कमी और बड़े क्षेत्र के कारण काम प्रभावित हो रहा है। एक स्टाफ नर्स कोल्ड चेन और दूसरी वैक्सीनेशन में लगी रहती है। अस्पताल की सफाई और जलभराव की शिकायत सफाई कर्मियों से कई बार की गई है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है।-डॉ. अरुण कुमार, प्रभारी, अर्बन पीएचसी, सूरजपुर
धीरज, तीमारदार
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