-किर्गिस्तान से युवक ने करी थी एमबीबीएस डिग्री, फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम देना होता है देश में
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। किर्गिस्तान से बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) करके आए युवक से फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम (एफएमजीई) पास कराने के नाम पर ठगी करने और फर्जी सर्टिफिकेट बनाने पर जिला अदालत ने मैक्स अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अभिषेक राजपूत, संदीप चौधरी और उसके बेटे वास्तव चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील चौहान की अदालत ने यह फैसला दिया है। पीड़ित की शिकायत पर सेक्टर-14 थाना पुलिस ने पांच मई 2025 को मामला दर्ज किया था।
रवि कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने किर्गिस्तान से एमबीबीएस किया था। कोविड के दौरान उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के वैशाली में मैक्स अस्पताल में काम कर रहे डाॅ. अभिषेक राजपूत से हुई। उसने अपने साथी डाॅ. सिद्धांत चौधरी के साथ मिलकर एफएमजीई पास कराने का झांसा दिया। परीक्षा पास कराने के नाम पर अलग-अलग खातों और नकद 26.57 लाख रुपये ले लिए। जब परीक्षा का रिजल्ट आया तो उसमें वह फेल थे। इसको लेकर बात की तो ठगों ने कहा रिजल्ट गलत है। इसके बाद उन्हें परीक्षा में पास होने का फर्जी सर्टिफिकेट दे दिया गया। उन्होंने सर्टिफिकेट की जांच की तो वह फर्जी पाया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दिया।