गुरुग्राम। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच प्रदेश सरकार ने रोडवेज बसों में 50 फीसदी सवारियां बैठाने और कोविड-19 के नियमों का पालन करने के आदेश जारी किए थे। वहीं बसों में सफर करने वाले यात्रियों को पहले तापमान जांचने का भी निर्देश दिया गया है। लेकिन स्थिति यह है कि परिवहन विभाग ने थर्मल स्कैनर खरीदने के लिए बजट जारी नहीं किया है। जिसकी वजह से परिचालकों एवं डिपो में कर्मचारियों के लिए थर्मल स्कैनर उपलब्ध नहीं करा जा सके।
हरियाणा राज्य में अप्रैल और मई माह में हजारों की संख्या में कोरोना मरीजों को आंकड़ा मिल रहा था। राज्य में सबसे ज्यादा प्रभावित गुरुग्राम जिला रहा, जिसमें एक दिन में रिकॉर्ड 5 हजार से ज्यादा केस मिले थे। प्रदेश सरकार न 2 मई से लॉकडाउन लगाया था। वहीं 10 मई को थर्मल स्कैनर से रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों का तापमान जांचने के आदेश जारी किए, लेकिन परिवहन विभाग ने हरियाणा के बस डिपो को बजट जारी नहीं किया। लॉकडाउन के दौरान भी गुरुग्राम बस डिपो से लगभग 40 रोडवेज बसें विभिन्न रूटों पर सवारियों को ढो रही थीं औैर इनके चालक-परिचालकों द्वारा रोडवेज विभाग से मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनर के लिए बार-बार मांग भी की जा रही थी। हालांकि मास्क व सैनिटाइजर तो उपलब्ध करा दिए गए। लेकिन अब तक थर्मल स्कैनर उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
वर्जन
थर्मल स्कैनर खरीदने के लिए बजट जारी नहीं किया गया है। ऐसे में परिचालकों को थर्मल स्कैनर नहीं दिए जा सके। हालांकि अब कोरोना संक्रमण के काफी कम मामले आ रहे हैं, तो अब इन थर्मल स्कैनर की ज्यादा आवश्यकता भी नहीं पड़ रही। - कुलबीर सिंह ढाका, महाप्रबंधक, रोडवेज बस डिपो गुरुग्राम