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Gurugram News: बंगाल के राजमहलों की थीम पर सज रहा डीएलएफ का पूजा पंडाल

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27 सितंबर से 2 अक्तूबर तक डीएलएफ फेज-1 के सामुदायिक भवन में होगी पूजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डीएलएफ सिटी दुर्गा पूजा और बंगाली कल्चरल सोसाइटी की दुर्गा पूजा का पंडाल इस साल पुराने बंगाल के राज महलों की थीम राजबाड़ी पर आधारित होगा। पुराने बंगाल की राजबाड़ी की थीम, अल्पना, ग्रामीण हस्तशिल्प और प्राकृतिक साधनों से इसे सजाया जाएगा। पंडाल सफेद और लाल रंग से सजेगा। इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा सफेद रंग में होगी।
डीएलएफ फेज-1 के सामुदायिक भवन में 27 सितंबर को महापंचमी पर शाम छह बजे देवी बोधन और आनंद मेले के साथ कार्यक्रम शुरू होगा। इस दौरान प्रतिदिन सुबह नौ बजे से दस बजे के बीच सामूहिक पुष्पांजलि, 11.45 से 12.30 बजे के बीच भोग और आरती और शाम छह बजे संध्या आरती का कार्यक्रम होगा।
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इस पंडाल में 27 सितंबर से 2 अक्तूबर तक रोजाना शाम सात बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसमें 27 सितंबर को आगोमनी नृत्य और अंत्याक्षरी, 28 सितंबर को क्वीज और संगीतमय संध्या, 29 सितंबर को नृत्य नाटिका अर्धनारीश्वर, नाटक कोथाय जाबो, 30 सितंबर को संगठन आनंद ध्वनी द्वारा रविंद्र संगीत और बांग्ला गान रंगमंदिर के अलावा म्यूजिकल कोलाज की प्रस्तुति होगी। इसे सुजय प्रसाद चटर्जी और नीपाविथी घोष प्रस्तुत करेंगी। एक अक्तूबर को 12 बजे कॉफी हाउस, शाम 6.30 बजे धुनुची नाच और शाम संगीतमय संध्या का कार्यक्रम होगा, जिसे शुभम बनर्जी और सोमचंदा भट्टाचार्य पेश करेंगे। दो अक्तूबर को नृत्य नाटिका शक्ति प्रस्तुत की जाएगी।


डीएलएफ दुर्गा पूजा पारंपरिक पूजा, प्राचीन बंगाली परंपराओं और रीति रिवाजों पर केंद्रित रहेगी। इस बार की थीम राजबाड़ी है। पंडाल में पुराने राज महलों का सौंदर्य और हस्तशिल्प की कला दिखेगी।
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- रुद्र बोस कल्चरल सेक्रेटरी


इस साल डीएलएफ दुर्गा पूजा का 34वां साल है। 27 सितंबर से दो अक्तूबर तक पूरे दिन पूजा पंडाल में रौनक रहेगी। डीएलएफ फेज वन को मिनी बंगाल के रूप में देखा जा सकता है। इसमें शास्त्रीय, लोक संगीत, रविंद्र संगीत, नाटक और सामयिक गीत संगीत के कार्यक्रम रहेंगे।

- अबीर रॉय, प्रेसिडेंट
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