जाम न लगने के लिए रूट डायवर्जन को लेकर होगी प्लानिंग, बारिश में जलभराव रोकने के निर्देश
800 मीटर लंबी होगी एलिवेटेड रोड
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर एंबियंस मॉल के पास लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए डीएलएफ द्वारा एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और जीएमडीए की ओर से करीब 800 मीटर लंबी एलिवेटेड रोड के लिए मंजूरी मिल चुकी है। अब डीएलएफ को रोड बनाने से पहले पूरी प्लानिंग करनी होगी, ताकि निर्माण कार्य के दौरान वहां पर जाम न लगे।
एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए डेढ़ साल की समयावधि तय की गई है। डीपीआर तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य पूरा करने तक की जिम्मेदारी डीएलएफ की होगी। एनएचएआई ने डीएलएफ को स्पष्ट निर्देश दिए है कि एलिवेटेड रोड के निर्माण के दौरान सड़क पर जाम लगने की स्थिति उत्पन्न न हो। ऐसे में वाहनों का दबाव कम करने के लिए पूरी प्लानिंग करनी होगी। वहीं, बारिश होने पर निर्माण क्षेत्र में जलभराव न हो, इसको लेकर भी पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। एलिवेटेड रोड का निर्माण शुरू करने से पहले डीएलएफ को यातायात डायवर्जन की विस्तृत ड्राइंग तैयार करनी होगी, जिसमें वाहनों संचालन संबंधी जानकारी दी जाएगी।
पीक ऑवर्स में जाम की समस्या
एनएच-48 पर दिल्ली से गुरुग्राम के डीएलएफ, साइबर हब, शंकर चौक व उद्योग विहार की ओर आने वाले वाहनों की संख्या अधिक होने से लोग जाम से जूझते रहते हैं। सुबह व शाम के समय पीक ऑवर्स के दौरान यहां जाम लगने की समस्या वर्षों पुरानी है। यहां पर जाम लगने के बाद करीब 800 मीटर के इस हिस्से को पार करने में वाहन चालकों को आधे घंटे से पौने घंटे तक का समय लगता है। ऐसे में एलिवेटेड रोड के निर्माण के दौरान भी यहां पर जाम की समस्या से वाहन चालकों को जूझना पड़ेगा। इसी वजह से एनएचएआई ने एलिवेटेड रोड का निर्माण शुरू करने से पहले डीएलएफ के समक्ष ट्रैफिक डायवर्जन की शर्त रखी है।
एलिवेटेड रोड के निर्माण को लेकर डीएलएफ के समक्ष सभी बातों को रखा जा चुका है। यहां पर जाम से निपटने, बारिश के बाद जलभराव सहित अन्य चुनौतियों संबंधी पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। एलिवेटेड रोड की डीपीआर से लेकर निर्माण कार्य तक डीएलएफ द्वारा किया जाएगा।
- भवनेश कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई