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किताबें खरीदने की राशि भेजना भूला शिक्षा निदेशालय

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गुरुग्राम। नए शैक्षणिक सत्र 2021-22 के तहत स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है और छठी से 12वीं कक्षा तक के बच्चे स्कूल आ रहे हैं, लेकिन अभी तक किताबें खरीदने की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। ऐसे में लगता है कि प्रदेश सरकार और शिक्षा निदेशालय किताबें खरीदने की राशि बच्चों के बैंक खातों में डालना भूल गया है। वहीं नए सत्र में स्कूली ड्रेस और स्टेशनरी व बैग की राशि को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से कोई दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। ऐसे में लगता है कि किताबें खरीदने एवं स्कूली वर्दी बनवाने की राशि बच्चों के बैंक खातों तक पहुंचने में काफी समय लगेगा। वहीं माना जा रहा है कि अभी तक सरकारी स्कूलों के सभी छात्रों का डाटा शिक्षा विभाग के एमआईएस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा सका है, जिस कारण शिक्षा निदेशालय की ओर से राशि नहीं डाली जा रही।
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बता दें कि शिक्षा का अधिकार नियम के तहत हरियाणा राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले छात्रों को शिक्षा विभाग की ओर से पाठ्यक्रम की मुफ्त किताबों के अलावा स्कूल की वर्दी खरीदने की राशि उनके बैंक खातों में डाली जाती है। जिसमें पहली से पांचवीं कक्षा तक 800 रुपये एवं छठी से आठवीं कक्षा तक 1000 रुपये की राशि तय की गई है। नए सत्र में अभी तक शिक्षा निदेशालय की ओर से वर्दी को लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को कोई अपडेट नहीं दी है। वहीं कोरोना महामारी के कारण किताबें स्कूलों में नहीं उपलब्ध कराने के कारण प्रदेश सरकार ने किताबें खरीदने के लिए 200 से 300 रुपये बच्चों के बैंक खातों में डालने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक बच्चों के बैंक खातों में यह राशि नहीं आई है। स्वयं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ही जानकारी नहीं है कि कब तक बच्चों के बैंक खातों में राशि आएगी।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव ने बताया कि सरकारी स्कूलों के पुराने बच्चों को डाटा अपडेट किया गया है। वहीं नया दाखिला लेने वाले बच्चों का डाटा भी पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। किताबों व वर्दी की राशि शिक्षा निदेशालय की ओर से भेजी जाती है। जिला स्तर से बच्चों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर डाला जाता है, जिसके तहत ही शिक्षा निदेशालय राशि बच्चों के बैंक खातों में डालता है। निदेशालय की ओर से कब तक राशि बच्चों के खातों में डाली जाएगी, उनको जानकारी नहीं है।
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