नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 20 हजार शेयर दिलाने का दिया झांसा, आर्थिक अपराध शाखा-1 की पुलिस कर रही जांच
4.49 करोड़ रुपये फर्जी सेटलमेंट के जरिये ठगे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आर्थिक अपराध शाखा-1 की पुलिस ने शेयर दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक ब्रोकर कंपनी के निदेशक को पांच दिसंबर को दिल्ली के एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 20 हजार शेयर दिलाने का झांसा देकर फर्जी सेटलमेंट के जरिये करोड़ों की ठगी कर रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने स्टॉक ब्रोकिंग में भारी नुकसान होने के बाद यह साजिश रची और पीड़ित से 4.49 करोड़ रुपये हड़प लिए थे।
आर्थिक अपराध शाखा-1 की पुलिस अब आरोपी से पूछताछ करके फर्जीवाड़े में जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। फर्जी सेटलमेंट के माध्यम से धोखाधड़ी करने के मामले में सेक्टर-29 थाने में धारा 316(2), 318(4), 61(2) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी की पहचान कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के बांगर कॉम्पेक्स शाहपुर बोरा निवासी रवि चौहान (45) के रूप में हुई है। वह 10वीं कक्षा पास है।
आरोपी रवि चौहान से पूछताछ में पता चला कि वर्ष 2016 में कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड चला रहा था। इसमें उसको काफी घाटा हो गया था। इस घाटे की भरपाई के लिए रवि चौहान ने मामले में शिकायतकर्ता को शेयर दिलाने के नाम पर 4.49 करोड़ रुपयों की ठगी कर ली।
क्या है मामला
13 अक्तूबर को आर्थिक अपराध शाखा-1 ने जांच के बाद सेक्टर-29 थाने में 4.49 करोड़ रुपये की ठगी मामले में शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह आर9 वेल्थ इंडिया प्राइवेट और दिल्ली फिन इंवेस्टमेंट सॉल्यूशन फर्म का मालिक है। उन्होंने कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से 20 हजार शेयर खरीदने की डील की थी। इसके बदले उसने कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड को 17 जून 2025 को 4.49 करोड़ रुपये दिए, लेकिन कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड ने उसे या उसकी फर्म को न कोई शेयर दिया और न ही रुपये लौटाए। कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायतकर्ता को शेयर दिलाने के नाम पर धोखाधडी करके 4.49 करोड़ रुपये की ठगी की है।
आरोपी रवि चौहान को शनिवार को अदालत में पेश करके पांच दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी से उसके अन्य साथियों की पहचान व अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ की जाएगी। इसके साथ ही ठगी गई राशि व संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए जाएंगे। -संदीप कुमार, पुलिस प्रवक्ता