टेंडर हुए, काम भी निर्धारित मगर शुरुआत नहीं, सुशांत लोक वन के निवासी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सुशांत लोक वन में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट शुरू हो गया है। निवासियों को इस गर्मी में पेयजल संकट से राहत की उम्मीद थी क्योंकि बूस्टिंग स्टेशनाें में मोटर बदले जाने के लिए टेंडर हो गए हैं।
टूटी सड़कों की मरम्मत, एक हिस्से में सीवेज लाइन बदले जाने के लिए टेंडर हो गए हैं। काम निर्धारित कर दिया गया है मगर काम शुरू नहीं हो पाया है। निवासियों का कहना है, कार्य देरी से शुरू होगा तो कई और समस्याएं इसके साथ शामिल हो जाएंगी। बरसात के दिनों में नालियों और ड्रेनेज की सफाई नहीं होने सड़क टूटती है। कई जगह गड्ढे हो गए हैं। 25-26 सालों से पेयजल की लाइन नहीं बदली गई है, कई जगह लीकेज है और गर्मी में गंदा पानी आता है। इस साल बूस्टिंग स्टेशनों में नए मोटर आने थे। 16 मोटरों में से आठ नए लगाए जाने हैं। इलाके में पानी की किल्लत को देखते हुए 16 ट्यूबवेल बनाए गए थे, इनमे से केवल 8 चालू हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जो कार्य अलॉट हो गए हैं, उन्हें शीघ्र पूरे किए जाएं।
वर्जन
गर्मी अभी शुरू नहीं हुई है मगर सुशांतलोक वन मे पेयजल का संकट शुरू हो गया है। सभी बूस्टिंग स्टेशन में मोटरें नहीं हैं मगर यहां 8 की जरूरत है। आधे ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। 10 सालों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। -अशोक दलवानी, महासचिव, सुशांत लोक वन
टेंडर हुए काफी दिन हो गए हैं। सड़क निर्माण, सीवेज लाइन दुरुस्त करने का काम शुरू नहीं हो पाया है। बूस्टिंग स्टेशनों में मोटर तो आ गई है मगर बाकी का काम रुका हुआ है। लोग गर्मी में जल संकट, पाइप लाइन लीकेज और बरसात में जलभराव से जूझते हैं। -दीपक वर्मा, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए महासचिव
इस वक्त बिटुमिन की कीमतें दोगुनी से ज्यादा बढ़ गई हैं, इसलिए सड़क का काम रुका हुआ है। आने वाले दिनों के सड़कों की रि कारपेटिंग, गोल्डसूक से सेक्टर 43 तक सीवेज लाइन बदलने का काम होना है। 4-5 महीनों में पानी की लाइन बदलने का काम भी शुरू होगा। 3 बूस्टिंग स्टेशनों पर नई मोटर आ गई है। -आरती अनिल यादव, वार्ड पार्षद