जातिगत आधार पर नगर निगम के सदन के चुनाव में समीकरण बिठाने में हो रही है देरी
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष के चयन के बाद चुनाव पर नजर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम के सदन में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चयन में जातिगत संख्या बल आड़े आ रही है। मानेसर, सोहना, पटौदी में हुए चयन के बाद गुरुग्राम नगर निगम में अलग जाति का चयन करना पार्टी के लिए सवाल बना हुआ है। एक बार चुनाव ही तारीख तय होने के बाद गुटबाजी के चलते चुनाव को स्थगित करना पड़ा था। नगर निगम में पार्षदों की संख्या अहीर, जाट, गुजर की है।
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो अभी सितंबर माह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन होना है। उसके बाद हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष का भी चयन होने का समय है। यहां तक सब कुछ ठीक होने के बाद पार्टी अपने सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के नाम ही घोषणा करेगी। पार्टी में चली आ रही गुटबाजी का असर व्यापक स्तर पर न दिखे इसलिए नगर निगम के दोनों बड़े पदों के नाम के चयन की घोषणा नहीं की जा रही है। नगर निगम सदन में 36 पार्षदों की संख्या है। तीन पार्षद सरकार की ओर से मनोनीत होकर आए हैं। यहां पर महिलाओं की संख्या 9 है। अहीर -9, जाट-7, गूजर- 5, ब्राह्मण- 2, दलित -4 , सैनी -2, राजपूत-2, पंजाबी-2, सुनार, एक, बनिया-एक, नाई-एक हैं। केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के गुट से लोग इस पद के प्रबल दावेदार हैं। वहीं दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर के समर्थक अपना दावा करते हैं। कई पार्षद ऐसे हैं जो सदन में चार से पांचवीं बार पहुंचे हैं। ऐसे में पार्टी चुनाव व टकराव से बचना चाहती है।
फाइनेंस कमेटी के सदस्य का हो चुका है चुनाव
गुरुग्राम। नगर निगम के सदन की बैठक के दौरान दो पार्षदों को फाइनेंस कमेटी का सदस्य चुना जा चुका है जिसके चलते विकास कार्य में कोई परेशानी नहीं आ रही है। इसके लिए पार्षद अनूप और सुंदर पार्षद को सर्व सम्मति से चुना गया है। यह दो नाम ऐेसे हैं जो सदन में पुराने थे और अलग-अलग पद के दावेदार भी हैं।