गुरुग्राम। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर शहर के राजीव चौक के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। बुधवार को पूरे दिन केंद्र सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए प्रदर्शन किया गया। इस दौरान तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग उठाई गई।
बुधवार को धरने पर संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह ने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में चूर है और किसानों से बातचीत नहीं कर रही है। जिस कारण आंदोलन लंबा खिंचता जा रहा है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि प्रत्येक किसान को अपनी फसल का पूरा एमएसपी मिलेगा और वो देश में कहीं भी अपनी फसल को बेच सकता है। वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हरियाणा के अपंजीकृत किसानों की फसल न खरीदें व पुलिस को निर्देश दिए हैं कि दूसरे राज्यों से अगर कोई फसल हरियाणा में बेचने आए तो उसको हरियाणा के बॉर्डर पर ही रोक दें, क्योंकि दूसरे राज्यों के किसान हरियाणा में फसल नहीं बेच सकते।
बीरू सरपंच नेे कहा कि हरियाणा में ज्यादातर किसान अशिक्षित हैं और उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया का ज्ञान नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदी जाए। इस मौके पर नवनीत, मनीष, उषा सरोहा, जयप्रकाश, महासिंह, विजय, रेखा, अमित अत्री, बलवान सिंह, डॉ. धर्मबीर राठी, एसएल प्रजापति, अरुण शर्मा, ब्रह्म प्रकाश सहरावत आदि मौजूद रहे।