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Gurugram News: प्रशासन से 162 एकड़ जमीन छोड़ने की मांग

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तीन गांवों के लोगों ने एचएसआईआईडीसी को भेजा जवाब
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मानेसर, खोह और नखड़ौला गांवों के लोगों ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की ओर से 29 मई 2026 को जारी सार्वजनिक नोटिस पर जवाब भेजा है। उन्होंने नोटिस पर आपत्ति जताते हुए जमीन छोड़ने की मांग की है। ग्रामीणों बताया कि वे पिछले 22 साल से वह इस जमीन पर रह रहे हैं और आज तक उन्होंने सरकार से किसी तरह का मुआवजा नहीं लिया है। तीनों गांवों की पंचायतों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनके घरों और जमीन पर जबरन कार्रवाई की, तो वे इसका विरोध करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने घर और जमीन बचाने के लिए हर संभव कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

ग्रामीणों ने बताया कि साल 2005 में 162 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन इस जमीन पर अब करीब तीन हजार मकान बन चुके हैं और हजारों लोग यहां रह रहे हैं। उनका कहना है कि साल 1995 में आईएमटी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहित करते समय सरकार ने गांवों की आबादी और कासन रोड के किनारे बने मकानों को छोड़ दिया था। उस समय एचएसआईआईडीसी ने 8 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल भी बनाई थी।
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ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2015 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इस जमीन को मुक्त करने के आदेश दिए थे। उनका कहना है कि यह जमीन नाट्रिप परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी, लेकिन बाद में परियोजना दूसरी जगह स्थानांतरित हो गई। वर्तमान में इस जमीन पर एचएसआईआईडीसी की कोई योजना या परियोजना नहीं है।
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