- एसोसिएशन की चेतावनी, मांग नहीं मानी तो आपातकाल सेवाएं भी करेंगे बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर से मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। इस मामले को लेकर रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ओपीडी सेवा बंद रखी गई। डॉक्टरों ने मारपीट करने वाले आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो हड़ताल पर जाएंगे और आपातकाल सेवााएं भी बंद करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, फिरोजपुर झिरका का डेंगू से पीड़ित एक बच्चा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर मां-बाप को कुछ नहीं खिलाने के लिए कहा। ड्यूटी पर तैनात डाक्टर मनदीप अन्य मरीजों को देखने के लिए राउंड पर गए तो परिजन ने बच्चे को कुछ खिला दिया। बताया जा रहा है कि इससे बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस पर गुस्साएं परिजनों ने कुछ लोगों को इकट्ठा किया और डाक्टर के साथ मारपीट की। अस्पताल के स्टाफ के साथ बदतमीजी की। यह मामला 11 अगस्त का है। इस मामले को लेकर बुधवार को रेजीडेंट डाक्टरर्स एसोसिएशन के प्रधान अभिनव जोशी, उपप्रधान डा. योगेश तथा डा. सुरभि, डा. मन मोहन ने मेडिकल कॉलेज के निदेशक को अवगत कराया और उचित कार्यवाही की मांग की। एसोसिएशन ने इस विरोध में ओपीडी सेवा बंद रखी। इस दौरान मरीजों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। एसोसिएशन की मांग है कि मारपीट के दौरान जिस गार्ड की ड्यूटी वो वहां नहीं था, जिसके कारण यह घटना घटी, ऐसे गार्ड पर कार्यवाही के साथ-साथ मारपीट करने वाले आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। एसोसिएशन के चेतावनी दी है कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वो आपातकाल सेवा बंद कर देंगे।
वर्जन
जिस गार्ड ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती है गार्ड पर कार्यवाही करते हुए उसे सस्पेंड कर किया गया है। मारपीट करने वाले आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को निदेशक कार्यालय से लिखा गया है। -डॉ. मुकेश कुमार, निदेशक शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज।