प्रेमचंद पालमी
पटौदी। खंड के गांव खोड स्थित बाबा बूढ़ा मंदिर का जोहड़ कई दशक बीत जाने के बाद भी सूखा पड़ा है। ग्रामीण लंबे समय से इसके सौंदर्यीकरण और इसमें नहरी पानी की व्यवस्था कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
गांव के सरपंच मास्टर आजाद सिंह ने बताया कि जोहड़ के सौंदर्यीकरण और उसमें नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत ने 25 मार्च को तत्कालीन जिला उपायुक्त अजय कुमार के गांव में रात्रि प्रवास के दौरान प्रस्ताव पारित कर मांग पत्र सौंपा था। अब तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है।
ग्रामीण सुमेर ठाकरान ने बताया कि बाबा बूढ़ा मंदिर परिसर का यह जोहड़ कई दशकों पुराना है और एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु जोहड़ में पहुंचकर मिट्टी छांटते हैं लेकिन पानी नहीं होने के कारण उन्हें निराशा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से जोहड़ का सौंदर्यीकरण कराने की मांग की।
वहीं, ग्रामीण श्रीभगवान ने कहा कि जोहड़ के चारों ओर चहारदीवारी बनाई जाए, छायादार पेड़-पौधे लगाए जाएं और इसे सुंदर एवं आकर्षक स्वरूप दिया जाए, ताकि यह धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से भी विकसित हो सके।
पटौदी के उपमंडल अधिकारी (ना.) दिनेश लुहाच ने बताया कि इस संबंध में पंचायत विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। विभाग द्वारा परियोजना का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है और आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।