पटेल नगर में रहने वाले दो ट्रेडिंग कारोबारियों का अपहरण कर एक करोड़ रुपये मांगने पर सीआईए स्टाफ की टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी दिल्ली पुलिस में सिपाही है। इस दौरान अपहरणकर्ताओं से हुई झड़प में पालम विहार क्राइम ब्रांच का एक एसआई भी घायल हुआ। पुलिस ने आरोपियों से दोनों को सकुशल छुड़ाकर एक कार, एक बाइक व बैग बरामद किया है।
सिविल लाइंस पुलिस में एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि उनका बेटा अमन अपने दोस्त गणेश के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में गुरुग्राम की गलेरिया मार्केट गया था। कॉल करने पर दोनों के फोन बंद मिले। कुछ देर बाद अमन के दोस्त का फोन आया कि अमन व गणेश को कुछ लोगों ने बंधक बना लिया है। वे उनको छोड़ने के बदले करोड़ रुपये मांग रहे हैं। फिरौती नहीं देने पर वे उन दोनों को जान से मारने की धमकी दे रहे है।
इसके बाद एसीपी क्राइम वरुण दहिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने वीरवार सुबह दोनों को मुक्त करा लिया। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने बताया कि आरोपियों की पहचान सोनीपत के ऋषि पाल (35), जींद निवासी कुलदीप (31) व सुनील (32), रोहतक के मोखरा निवासी दीपक उर्फ डम्बल (21) व भिवानी निवासी सोनू (21) के रूप में हुई। ऋषि पाल फिलहाल गुड़गांव के सेक्टर-37 डी व दीपक और सोनू सेक्टर-10 में रहते थे। सुनील दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत है। पुलिस को रोहतक के निवासी लीलू की भी तलाश है।
आरोपियों पर पहले से केस दर्ज
ऋषिपाल पर चोरी करने का एक केस रोहतक, दो केस सोनीपत, एक केस हांसी व गैर इरादतन हत्या के मामले में (हादसे में) एक केस गुरुग्राम में दर्ज है। सुनील पर मारपीट करने के संबंध में एक केस रोहतक में, गैर इरादतन हत्या के मामले में (हादसे में) एक केस जींद में दर्ज है।
पुलिस कर्मचारी बन धमकाते और पैसा वसूलते...मास्टरमाइंड पुलिस का मुखबिर
कारोबारी अमन आरोपियों के चंगुल में दूसरी बार फंसा था। पहली बार किसी मामले में अमन की संदिग्ध भूमिका बताकर उससे मोटी रकम वसूली जा चुकी थी। इस बार दिल्ली व हरियाणा पुलिस के सिपाही को साथ में रखकर पूरी योजना तैयार की गई थी। सभी आरोपियों ने दिल्ली पुलिसकर्मी बन वारदात को अंजाम दिया था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड जींद निवासी कुलदीप है जो पुलिसकर्मियों के लिए मुखबिरी करता था।