गुरुग्राम। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की तरफ से टीकाकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी अब गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए जिला मुख्यालय व उपमंडलों में स्थित नागरिक अस्पतालों के जरिए गर्भवती महिलाओं का डाटा तैयार किया जा रहा है।
वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग को अब इसको लेकर सरकार से स्वीकृति का इंतजार है और फिर टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पिछले दिनों आईसीएमआर ने स्पष्ट कर दिया है कि गर्भवतियों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया जा सकता है। इसके बाद ही इसको लेकर गहमागहमी शुरू हो गई है।
निजी अस्पतालों में हो रहा टीकाकरण
बताया तो यह भी जा रहा है कि आईसीएमआर की तरफ से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद जिले के निजी अस्पतालों ने टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। हालांकि, खुले तौर पर अभी अस्पतालों की तरफ से कुछ भी नहीं कहा जा रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। मालूम हो कि स्पूतनिक वी वैक्सीन के बारे में भी यही हुआ था। स्वास्थ्य विभाग से इतर फोर्टिस अस्पताल ने स्पूतनिक वी वैक्सीन का टीकाकरण शुरू कर दिया था। तब सीएमओ डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया था कि अपने स्तर से प्रबंध कर निजी अस्पताल टीकाकरण के लिए स्वतंत्र हैं।
स्वास्थ्य विभाग को उच्च स्तर से निर्देश का इंतजार
इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि हमारी तैयारियां पूरी हैं। जैसे ही उच्च स्तर से टीकाकरण की अनुमति मिलेगी, विभाग गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना का टीका लगाना शुरू कर देगा। इतना ही नहीं महिलाओं की सहूलियत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से टीकाकरण शिविर भी आयोजित करेगा। सूत्रों के मुताबिक उच्च स्तर से निर्देश मिलने के बाद सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में उसी तरह से टीकाकरण की सुविधा भी मिलने लगेगी, जैसे अभी गर्भवती महिलाओं को सामान्य टीका व दवाओं की सुविधा मिल रही है।