आठ साल से चल रहा निर्माण, नवरात्र से पहले सभी काम पूरे होने का किया गया था दावा
उमड़े भक्त, भारी भीड़ और अधिकांश हिस्सा बंद होने से आ रहीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के प्राचीन श्री माता शीतला मंदिर के दरबार में मंगलवार को हजारों भक्त दर्शन के लिए उमड़ पड़े। माता के दरबार में जयकारे लगे लेकिन भक्तों को दर्शन मुश्किल से हो सके। दरअसल, आठ साल से चल रहे निर्माण कार्य अधूरा होने से मंदिर परिसर का 80 फीसदी हिस्सा बंद है। इससे भक्तों की भारी भीड़ का प्रबंधन मुश्किल हो रहा है। मंदिर के अंदर अव्यवस्थाएं हैं तो बाहर भी भक्त सड़क पर बह रहे सीवर और कचरे के ढेर, गंदगी के बीच से ही मंदिर तक पहुंच पा रहे हैं।
शारदीय नवरात्र में मंदिर में रात्रि विश्राम की परंपरा है। इस वजह से पूरे प्रदेश से आने वाले लोग परिवार के साथ यहीं रुकते हैं। आठ साल से मंदिर के निर्माण का काम चलने के कारण 80 फीसदी मंदिर परिसर बंद है। इससे देर रात आने वाले भक्तों को रुकने में दिक्कतें आ रही हैं। रोहतक से आए रामेश्वर सिंह, गुरुग्राम के मुकेश दहिया ने बताया कि बीते कुछ साल में प्लेटफॉर्म के रैंप के नीचे या जहां भी खाली जगह मिलती थी बैठकर भजन कीर्तन करने लगते थे। ब्रह्म सरोवर परिसर में मुंडन कराने की जगह अस्थायी हॉल में मुंडन हो रहा है। निर्माण के कारण सरोवर बंद है।
11 एकड़ में फैला है शीतला माता मंदिर
करीब 11 एकड़ में फैले माता शीतला के नए मंदिर का निर्माण करीब 8 साल से चल रहा है। नगर निगम इसका निर्माण करा रहा है। इसके पहले 2012 में मंदिर का नया सिंह द्वार और परिसर बना था। मंदिर के निर्माण की घोषणा के बाद मूर्ति सत्संग भवन में रख दी गई। मंदिर का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बंद कर दिया गया है। माता शीतला का नया मंदिर नागर शैली में बनाया जा रहा है। इस मंदिर में गुरु द्रोणाचार्य की मूर्ति लगाने की भी योजना पर विचार चल रहा है। माता शीतला के अलावा नव दुर्गा की मूर्ति भी मंदिर में होगी।
मंदिर के बाहर सीवर, गंदगी और भिखारियों की भीड़
माता शीतला के मंदिर परिसर में अंदर मुश्किलें हैं तो बाहर भी भक्त सड़क पर बह रहे सीवर, कचरे के ढेर और भिखारियों की भीड़ के बीच से निकलकर मुश्किल से ही पहुंच पा रहे हैं। मंदिर के ठीक सामने सड़क की दूसरी लेन पर सीवर उफन रहा है जबकि भंडारा करने वाले कचरा सड़क पर ही छोड़ रहे हैं। मंदिर के गेट पर भिखारियों का जमावड़ा है जो भक्तों के पीछे पीछे दौड़ लगाते दिखते हैं।
नए मंदिर परिसर में ऐसी होंगी व्यवस्थाएं
- नए मंदिर में भी पार्किंग परिसर से वाया प्लेटफॉर्म रैंप ही भक्त मंदिर में दर्शन के लिए जा सकेंगे।
- यहां अंडरपास नहीं बनेगा। बेसमेंट में मेडिटेशन सेंटर, स्ट्रांग रूम, स्टोरेज एरिया और प्रदर्शनी कक्ष होगा।
- ग्राउंड फ्लोर पर 4 सत्संग हॉल, 4 पब्लिक रूम, मुंडन हॉल, माता की पिंडी, वीआईपी रूम, लाउंज, चौकी, कंट्रोल रूम होगा।
- पहली मंजिल पर दो सत्संग हॉल, लाइब्रेरी, पुजारियों के कमरे, वेटिंग लाउंज और कांफ्रेंस के लिए कमरे।
- दूसरी मंजिल पर माता गर्भ गृह, 3 हॉल, स्ट्रांग रूम, प्रसाद काउंटर, होल्डिंग एरिया का निर्माण होगा।
- मल्टी लेवल कार पार्किंग, फुट ओवर ब्रिज, पब्लिक टॉयलेट, क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, सोवेनियर और प्रसाद स्टॉल।
मंदिर में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए मंदिर स्टाफ के अलावा 200 वालंटियर सेवाएं दे रहे हैं। 24 घंटे मंदिर खुला है। 160 कैमरों से मंदिर के चप्पे- चप्पे की निगरानी हो रही है।
-सुमित कुमार, सीईओ, श्री माता शीतला मंदिर
हमें मंदिर के निर्माण का कार्य एक साल पहले मिला है। पहले के नक्शे में यह पिरामिड जैसे आकार का था, अब मंदिर का निर्माण नागर शैली में होगा। अभी करीब एक साल का समय मंदिर को पूरा होने में लग सकता है। इसमें नवदुर्गा का मंदिर भी होगा।
-रिंपेश शर्मा, आर्किटेक्ट, श्री माता शीतला मंदिर