अलग-अलग एजेंसियों को टीकाकरण और बंध्याकरण का काम सौंपने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। लावारिस कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी के लिए नगर निगम ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) तैयार किया है। इसमें अगले माह से खतरनाक कुत्तों को रखा जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम के चारों जोन के लिए अलग-अलग एजेंसियों को कुत्तों के टीकाकरण और बंध्याकरण का काम सौंपने की तैयारी है।
शहर की सड़कों पर 1.70 लाख से ज्यादा लावारिस कुत्ते घूम रहे हैं। इनमें से केवल 24 हजार कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण हो सका है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर नगर निगम का एक नया एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर बनकर तैयार हो गया है जहां अगले महीने से कुत्तों का टीकाकरण और बंध्याकरण का काम शुरू हो जाएगा। इस सेंटर में खास बात यह है कि यहां उन खतरनाक कुत्तों को रखने की भी सुविधा है जो लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में ऐसे कुत्तों को सार्वजनिक जगहों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रखने की बात कही गई थी।
एजेंसियों पर लगाया जा चुका है जुर्माना
कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी का काम संभाल रहीं दो निजी एजेंसियों की लापरवाही सामने आने पर निगम ने उन पर 28 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। नगर निगम ने शहर में लावारिस कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए दो एजेंसियों एनिमल सिंपेथी और जीवदया वेलफेयर सोसाइटी को नसबंदी (स्टरलाइजेशन) और टीकाकरण का काम सौंपा हुआ है। लापरवाही बरतने पर जीवदया वेलफेयर सोसाइटी एजेंसी पर 19 हजार रुपये और एनिमल सिंपेथी एजेंसी पर नौ हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निगम के संयुक्त आयुक्त ने एजेंसियों को चेतावनी दी है कि यह उनकी आखिरी चेतावनी है। अगर आगे भी उनके काम में कोई कोताही पाई गई तो उनके खिलाफ न सिर्फ जुर्माना बढ़ाया जाएगा, बल्कि उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
नगर निगम के चारों जोन में कुत्तों को पकड़ने व उनकी नसबंदी को लेकर अलग-अलग जोन में चार एजेंसियों को टेंडर आवंटित किया जाएगा। जिन कुत्तों को रखने की आवश्यकता होगी उसे बेगमपुर खटोला में बने एसीबी सेंटर में रखा जाएगा।
- प्रीतपाल, संयुक्त आयुक्त, एसबीएम, नगर निगम, गुरुग्राम
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