विभिन्न कॉलोनियों, सोसाइटियों के लोगों ने जताई खुशी, खतरनाक किस्म के कुत्ते पालतू होने से भय का माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के विभिन्न आरडब्ल्यूए समूहों में केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय का एक आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है। आदेश के अनुसार खतरनाक ब्रीड के कुत्तों के काटने के कारण हुई मौतों का हवाला देते हुए यह आदेश दिया गया है कि क्राॅस ब्रीड के खतरनाक किस्म के कुत्तों का आयात, खरीदारी, बिक्री और उनकी ब्रीडिंग नहीं हो सकेगी। इनको पालने पर पूरी तरह रोक रहेगी। पशुपालन विभाग ऐसे कुत्तों को लाइसेंस नहीं देगा। साथ ही स्थानीय प्रशासन इस नए अनुमति पत्र जानी नहीं करेगा। जो कुत्ते पहले से हैं, उनका बंध्याकरण किया जाएगा ।
कुत्तों के काटने से हुई मौतों के बाद पशुपालन मंत्रालय द्वारा बनाई गई विशेषज्ञ समिति ने ऐसी ब्रीड के कुत्तों की सूची जारी की है। इसमें मिक्सड और क्रास ब्रीड जैसे पिटबुल, टेरियर, टोशा इनू, अमेरिकन स्टेफोर्डशायर, एशियन शेफर्ड डॉग, काकेशियन शेफर्ड डॉग, साउथ एशियन शेफर्ड डॉग, टोर्नजैक सरप्लेनिनैक, जापानीज टोसा, अकीता, मस्टिफ, रॉटविलर, टेरियर, रोडेशियन रिजबैक, वूल्फ डॉग, कैनेरियो अकबाश डॉग,मास्को गार्ड डॉग, केन कोरसो और वे सभी कुत्ते जो बैन डॉग की श्रेणी में शामिल हैं। विशेषज्ञ समिति ने क्रास ब्रिड तैयार करने पर भी रोक लगा दी है।
इस संबंध में सेक्टर 23 ए के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि ए देव हुडा ने कहा कि यहां कई लोग ऐसे शिकारी किस्म के कुत्ते पालते हैं, ये काफी खतरनाक होते हैं, खास तौर अपार्टमेंट और सोसाइटियों में इनके काटने का डर बना रहता है। मंत्रालय का निर्णय काफी सही है। सेक्टर 82 स्थित मैपस्को कासाबेला के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने बताया कि अब नगर निगम को चाहिए कि केंद्र सरकार के मंत्रालय के इस आदेश को गुरुग्राम में भी लागू करे। अपार्टमेंट में ऐसे खतरनाक ब्रीड के पालतू कुत्तों से काफी दिक्कत आती है। लोग लिफ्ट में लेकर चलते हैं, अगर ये किसी पर हमला कर दें तो किसी की मौत तक हो सकती है।