हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को हलफनामा दाखिल करने का दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गुरुग्राम के डीएलएफ में एक नई रियल एस्टेट परियोजना विकसित करने के लिए कथित तौर पर 2000 पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट की ओर से लिए गए स्वत: संज्ञान पर हरियाणा सरकार ने सफाई दी है। सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि यह वन क्षेत्र नहीं है और न ही अरावली का क्षेत्र है। हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमन चौधरी की खंडपीठ ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट के आधार पर यह संज्ञान लिया था। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार, डीएलएफ के प्रबंध निदेशक व गुरुग्राम के म्यूनिसिपल कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। समाचार के अनुसार बिना तय प्रक्रिया का पालन किए इन पेड़ों को काटा जा रहा है। कोर्ट ने माना कि यह विषय जनहित से जुड़ा हुआ है। ऐसे में 12 जून को प्रकाशित इस समाचार का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका के तौर पर सुनने का निर्णय लिया था। कोर्ट ने अब मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए सरकार के वकील को इस संबंध में नगर निगम, गुरुग्राम को सूचित करने और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।