- राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा रहे मुख्य अतिथि
एक राष्ट्रीय मंत्र है वंदे मातरम गीत: रामचंद्र जांगड़ा
- वंदे मातरम गीत ने दी आज़ादी के आंदोलन में करोड़ों भारतीयों को जोश और प्रेरणा
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि आज पूरे देश में एक पर्व का माहौल है। वंदे मातरम, यह वही गीत है जिसे हमारे अमर योद्धा, चिंतक और दार्शनिक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने अमर उपन्यास आनंद मठ में 150 वर्ष पहले लिखा था। आज उस प्रेरक गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में उत्सव मनाया जा रहा है।
सामुदायिक केंद्र, नूंह में आयोजित इस स्मरण उत्सव में बोलते हुए सांसद जांगड़ा ने कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मंत्र है जिसने आज़ादी के आंदोलन में करोड़ों भारतीयों को जोश और प्रेरणा दी। सांसद ने कहा कि इस गीत की एक-एक पंक्ति प्रेरक और उद्बोधक है। यह गीत सभी भारतीयों को जाति, धर्म, संप्रदाय से ऊपर उठकर एकजुटता का संदेश देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज देशभर में इस गीत के 150 वर्ष पूरे होने का पर्व मनाया जा रहा है। हम सबको यह संकल्प लेना चाहिए कि ‘वंदे मातरम’ की भावना को अपने जीवन में उतारते हुए 2047 तक भारत को दुनिया का सिरमौर देश बनाएं। वंदे मातरम” की धुन पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और समूहगान से सामुदायिक केंद्र नूंह का वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया।