गुरुग्राम। सेक्टर-14 स्थित एक नामी ट्रांसपोर्ट कंपनी पर ट्रक व बॉडी फाइनेंस के बाद कंपनी का करोड़ों का लोन न चुकाने का मामला सामने आया है। टाटा फाइनेंस कंपनी ने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टर ने लोन चुकाने की बजाय कबाड़ की हालत वाली ट्रक की बॉडी जमा करा दी, जिससे कंपनी को 15.62 करोड़ का नुकसान हुआ। कंपनी की याचिका पर कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-14 थाना पुलिस ने लॉजिस्टिक कंपनी, ट्रांसपोर्टर समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी कंपनी अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
सेक्टर-14 स्थित टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड के सहायक कानूनी प्रबंधक जॉनसन एंड्रयूज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सेक्टर-14 में सुनील जैन, उनके बेटे प्रतीक का मैसर्स जैन लॉजिस्टिक नाम से ट्रांसपोर्ट है। वर्ष 2017 व 2018 के दौरान इसने टाटा मोटर्स फाइनेंशियल लिमिटेड कंपनी से 55 ट्रक फाइनेंस कराने के लिए लोन लिया। नए ट्रक के अलावा ट्रांसपोर्टरों ने 13 पुराने ट्रक भी फाइनेंस करने की मांग की। जिस पर कंपनी ने मार्च और अप्रैल 2018 के मध्य में इन्हें भी फाइनेंस के लिए लोन उपलब्ध करा दिया।
फाइनेंस कंपनी अधिकारियों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टर 68 ट्रक की ईएमआई चुकाने में नाकाम रहे तो 16 मार्च 2019 को कंपनी ने लोन राशि चुकाने को कहा। ट्रांसपोर्टर की ओर से लोन राशि न मिलने पर 19 जून 2019 को फाइनेंस कंपनी ने सभी ट्रक वापस लौटाने को कहा। आरोपियों ने साजिश के तहत ट्रक के चैसिस सरेंडर कर दिए लेकिन ट्रकों की बॉडी सरेंडर नहीं की, जो बाद में बेहद खराब हालत में मिली।
इसमें फाइनेंस कंपनी का 15 करोड़ 62 लाख 60 हजार 33 रुपये ट्रांसपोर्ट कंपनी में बकाया रह गए। आरोपियों से कई बार मांगने के बावजूद जब उन्होंने रुपये नहीं दिए तो फाइनेंस कंपनी ने कोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कंपनी अधिकारियों का यह भी आरोप है कि ट्रांसपोर्टर ने ट्रक की बॉडी खरीदी ही नहीं। उन्होंने यह रकम निजी काम में लगा दी। कोर्ट ने याचिका का संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू करने के आदेश दिए।
-----