70 करोड़ की लागत से किया गया है निर्णाण, 150 फीट लंबी दरार से हादसे का डर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे के बाद अब यू-टर्न में भी करीब 150 फीट लंबी दरार आने के बाद एनएचएआई के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। करोड़ों की लागत से बने फ्लाईओवर में दरार से एनएनएआई की ओर से अप्रूव डिजाइन व निर्माण करने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई ने जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। बता दें कि इफको चौक पर तीन फ्लाईओवर बने हैं। इसमें दो यू टर्न फ्लाईओवर और एक स्टेट फ्लाईओवर है। इसका निर्माण गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड कंपनी ने किया है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर फरीदाबाद व पुराने शहर को जोड़ने वाले इफको चौक पर लगने वाले जाम के लिए एनएचएआई की ओर से अलग-अलग तीन फ्लाई ओवर का निर्माण 150 करोड़ की लागत से हुआ है। इससे पहले इफको चौक पर बने स्टेट फ्लाईओवर में दरार आई थी। उसे ठीक किए जाने की कोई योजना अभी एनएचएआई अधिकारी बना भी नहीं पाए थे कि अब इफको चौक वाले यू-टर्न फ्लाईओवर में भी दरार दिख रही है।
एनएचएआई ने ट्रैफिक मूवमेंट को सुगम बनाने के लिए इफको चौक पर तीन फ्लाईओवर तैयार किए हैं। इसमें जयपुर से दिल्ली की तरफ करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से यू-टर्न फ्लाईओवर बनाया है। इस फ्लाईओवर में 258 मीटर के स्पैन है, जबकि इसकी कुल लंबाई करीब 660 मीटर है। यह फ्लाईओवर एमजी रोड से निकलने के साथ शुरू होता है। इसके माध्यम से वाहन चालक दिल्ली या सुखराली (सेक्टर 17-18) की तरफ मुड़ते हैं। साल 2019 में इस फ्लाईओवर को पब्लिक के लिए खोल दिया था।
मंगलवार सुबह एक शिकायत मिलने पर जब एनएचएआई टीम इस फ्लाईओवर पर पहुंचीं तो पाया कि इस फ्लाईओवर पर गांव सुखराली के समीप उतरते समय करीब 150 फीट तक दरार आ चुकी है। करीब एक मीटर में तो 5 से 6 इंच तक चौड़ा गड्ढा बन गया है, जिसकी वजह से दुपहिया वाहन चालक असंतुलित होकर सड़क दुर्घटना का शिकार बन सकते हैं।
इससे पहले स्टेट फ्लाईओवर में आई थी दरार
पिछले महीने इफको चौक पर स्टेट फ्लाईओवर में दरार आ गई थी। मामला सामने आने के बाद आनन-फानन में जुगाड़ करके इस दरार को एनएचएआई ने भर दिया था। वाहनों के चलने के कारण यह दरार दोबारा बन गई। करीब 4 से 5 इंच चौड़ी इस दरार के कारण कोई सड़क हादसा नहीं हो जाए, इसको देखते हुए एनएचएआई ने फिलहाल करीब 100 फीट हिस्से में बैरिकेडिंग की हुई है। इस फ्लाईओवर पर फिलहाल 3-4 ट्रैफिक मार्शल की ड्यूटी लगाई हुई है। जो ट्रैफिक मूवमेंट संभालते हैं। एनएचएआई ने दरार के कारणों की जांच को लेकर दो सदस्यीय कमेटी बनाई हुई है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर इसे दुरुस्त किया जाएगा।
एनएचएआई के डिजाइन पर सवाल
इफको चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था सुगम बनाने के लिए बनाए गए फ्लाई ओवर के डिजाइन के कारण दरार आ रही है। जानकार बताते हैं कि कमेटी की ओर से डिजाइन के अप्रूवल और ठेकेदार की ओर से काम की गुणवत्ता जांचने वाले भी संदेह के घेरे में हैं। कम समय के चक्कर में हुए इस निर्माण की आ रही खामी के लिए जिम्मेदार लोगों की तलाश हो रही है।
हर माह मरम्मत करने से होगी पूर्ति
सड़क निर्माण से जुड़े लोगों का कहना है कि यह दरारें हर माह मरम्मत मांगती हैं। अगर इसे ठीक न किया गया तो इस पर वाहन चलने से यह फिर बढ़ जाएंगी। अभी एक फ्लाई ओवर की मरम्मत कराई गई थी। उस पर वाहनों के चलने से फिर हालात वही हो गए हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
अलग-अलग स्लैब के बीच में गैप की वजह से यह दरार बनी हैं। मामले की जांच के लिए दो तकनीकी सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है। उसकी रिपोर्ट के बाद मरम्मत का काम होगा। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद सैफी, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई।