गुरुग्राम। कोरोना संक्रमित होने के डर से करीब एक हफ्ता पहले खुदकुशी की कोशिश करने वाली मेदांता अस्पताल में कार्यरत नर्स की मंगलवार को मौत हो गई। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन और परिजनों से पूछताछ के बाद 174 के तहत कार्रवाई कर दी। सदर थाना प्रभारी ने बताया कि इलाज के दौरान नर्स के बयान दर्ज नहीं किए जा सके। परिजनों की ओर से भी कोई शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।
केरल निवासी बेमसी (24) अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में बतौर नर्स तैनात थी। अस्पताल प्रबंधन ने 3 नर्सों का कोरोना टेस्ट कराया था जिसमें दो नर्सों की रिपोर्ट नेगेटिव आई जबकि बेमसी पॉजिटिव मिली थी। 28 मई को बेमसी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के डर से झाड़सा स्थित अपने कमरे में फंदा लगाकर लटक गई।
इसी दौरान उसके एक जानकार ने उसे लटका देख तुरंत फंदे से उतारकर मेदांता में दाखिल कराया था। इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने टिप्पणी देने से इंकार कर दिया। पुलिस भी नर्स के होश में आने का इंतजार कर रही थी। मंगलवार को शव पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया।