गुरुग्राम। जिला उपायुक्त यश गर्ग ने पाथवेज स्कूल से निष्कासित पांच छात्रों की पढ़ाई यथावत जारी रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि फीस को लेकर विवाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच का है। इसमें विद्यार्थियों का कोई दोष नहीं है। जिला उपायुक्त ने कहा है कि स्कूल प्रबंधन और अभिभावक आपस में नियमों के अंतर्गत अपने स्तर पर इस मामले को निस्तारित करेंगे। इससे पहले जिला उपायुक्त ने अभिभावक और स्कूल प्रबंधन दोनों पक्षों को सुना था। इस कार्रवाई की सूचना कमिश्नर तथा बाल संरक्षण अधिकार आयोग के निर्देशों के अनुपालन में भेज दी गई है।
कोरोना काल में फीस कम कराने को लेकर अभिभावकों ने कमिश्नर, शिक्षा विभाग तथा न्यायालय में अपना पक्ष रखा था। यह मामला अभी तक विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है। इसी दौरान स्कूल प्रबंधन ने कई अभिभावकों को नोटिस जारी किए थे। उनमें से चार अभिभावकों के जवाब पर असंतोष व्यक्त किया था। उसी के बाद इन अभिभावकों के पांच विद्यार्थियों को अगले सत्र से निष्कासित करने के आदेश जारी कर दिए थे। इस मामले को देश की कई प्रमुख हस्तियों ने ट्विट भी किया। जिस पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया। इस बारे में जिला उपायुक्त को आदेश जारी करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रहे।
जिला उपायुक्त को यह भी निर्देश दिए कि वह जांच करके दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें। इसमें यह देखा जाए कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जेजे एक्ट के अंतर्गत कोई कार्रवाई बनती है या नहीं। इसी दौरान कमिश्नर के यहां भी अभिभावकों ने अपना पक्ष रखा था। इसके बाद कमिश्नर ने एडीसी को जांच करने के आदेश किए थे। समय से जांच नहीं हो सकी तब कमिश्नर की ओर से एडीसी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिमाइंडर भी जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीसी निर्धारित समय में जांच करके निर्णय ले। जरूरी हो तो संबधित पक्ष को इस मामले में निर्देश भी जारी किए जाएं। डीसी के ताजा आदेश के बारे में स्कूल के जीएम (प्रशासन) कैप्टन कुनाल बहल से एसएमएस और वाट्सएप के माध्यम से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
बाल संरक्षण अधिकार आयोग तथा कमिश्नर के निर्देश पर इस प्रकरण की जांच पूरी हो गई है, जिसके आधार पर विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी करने के निर्देश दिए हैं। विवाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच है, ऐसे में नियमों के अंतर्गत इस प्रकरण को निस्तारित करें।
डॉ. यश गर्ग, जिला उपायुक्त