गुरुग्राम में निर्माण गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध
गुरुग्राम। साइबर सिटी की आबोहवा पूरी तरह जहरीली होती जा रही है। लगतार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ईपीसीए के आदेश पर गुरुग्राम जिला प्रशासन ने सभी प्रकार की निर्माण गतिविधियों पर पांच नवंबर तक प्रतिबंध लगाया दिया। इसके अलावा कचरा जलाने वालों कचरा एवं मलबा फेंकने वालों, निर्माण गतिविधियों, खुले में कचरा परिवहन, बिना ढकी निर्माण सामग्री, सड़क किनारे बिना ढके निर्माण सामग्री विक्रय करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर निगम ने ग्रेडिड रेस्पांस एक्शन प्लान(ग्रेप) की पालना के लिए एक दर्जन टीमें भी गठित की है।
जिला उपायुक्त एवं नगर निगम के आयुक्त अमित खत्री ने निर्देश दिए है कि ग्रेडिड रैस्पांस एक्शन प्लान का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके तहत एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है। पर्यावरण प्रदूषण में सुधार करने के लिए तैयार किए गए ग्रेडिड रैस्पांस एक्शन प्लान की पालना सुनिश्चित करने के लिए टीमें पांच नवंबर तक 24 घंटे तैनात रहेगी। प्रत्येक टीम में जूनियर इंजीनियर सहित कई कर्मचारियों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि ये टीमें कचरा जलाने वालों, सार्वजनिक स्थान पर कचरा एवं मलबा फेंकने वालों, निर्माण गतिविधियों, खुले वाहन में कचरा ले जाने वालों, बिना ढकी निर्माण सामग्री, सड़कों के किनारों पर बिना ढके निर्माण सामग्री विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगी।
एनजीटी एक्ट के तहत होगी एफआईआर
उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटने के साथ-साथ उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 269 एवं 278 सहित नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एक्ट के तहत संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
लगातार किया जा रहा पानी का छिड़काव
प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। इसके चलते सांस लेने में भी दिक्कत आने लगी है। इसके स्तर में सुधार लाने के लिए नगर निगम अपने टैंकरों और दमकल वाहनों के माध्यम से लगातार सड़कों और सड़क किनारे लगे पेड़ों पर पानी का छिड़काव कर रहा है।
प्रदूषण कम करने के लिए उठाएं आवश्यक कदम
ईपीसीए ने बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदूषण को कम करने के लिए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिया है। ईपीसीए पहले ही सोसायटियों में चल रहे डीजी सेट पर पाबंदी लगा चुका है, लेकिन कई सोसायटियों में अब भी इनका प्रयोग हो रहा है। जिसको देखते हुए राज्य ऊर्जा विभाग को भी स्थिति सामान्य होने तक 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। वहीं, बिना जिग-जैग तकनीक के संचालित ईंट भट्ठों को भी ईपीसीए के आदेश के तहत जिला प्रशासन द्वारा बंद कराया जाएगा। स्कूल संचालकों को भी ईपीसीए चेयरमैन ने बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।