एनएचएआई पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर रहा है, पुल पुराना होने से जयपुर जाने में लगता है जाम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर यातायात बेहतर करने के लिए मसानी बैराज (धारुहेड़ा) पर तीन लेन का पुल बनवाने जा रहा है। पुल निर्माण के लिए डीपीआर अंतिम चरण में है। इसके अलावा हाईवे पर चार फ्लाईओवर निर्माण पर जल्द काम शुरू होगा। इसके लिए एक कंपनी को काम दिया गया है।
दिल्ली-जयपुर जाने वाले लोगों को हाईवे पर कई जगहों पर जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। गुरुग्राम से जयपुर जाने के लिए सबसे अधिक जाम की समस्या मानेसर में होती है। यहां पर एनएचएआई की ओर से एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना है और जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। मानेसर के बाद पचगांव में जाम लगता है। यहां पर बैकुलर अंडरपास (बीयूपी) निर्माण की योजना है।
हालांकि यहां बीयूपी निर्माण को कुछ माह के लिए टाल दिया गया है क्योंकि पचगांव में टोल बनाया जाना है। इसके अलावा राठीवास, हीरो मोटो धारुहेड़ा व सालावास में फ्लाईओवर/बीयूपी का निर्माण होगा। इन जगहों पर हाईवे क्रॉस होने से वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ता है।
दिल्ली-जयपुर की राह में मसानी बैराज का पुल जाम का एक मुख्य बिंदु है। दो लेन का पुल होेने से यहां पर अक्सर जाम लगता है। यदि कोई वाहन खराब हो जाए तो समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। ऐसे में एनएचएआई दिल्ली-जयपुर की ओर नया पुल निर्माण की योजना पर काम कर रहा है। परियोजना निदेशक योगेश तिलक ने बताया कि नया पुल जयपुर से दिल्ली की ओर से बने पुल के साथ बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका डीपीआर अंतिम चरण में है। अधिकारी ने बताया कि नया पुल दिल्ली-जयपुर के लिए तीन लेन का होगा। वहीं, जयपुर से दिल्ली की ओर तीन का पुल पहले से बनाया जा चुका है।
अवैध कट होंगे बंद
एनएचएआई खेड़कीदौला से बावल हाईवे पर फ्लाईओवर समेत अन्य कार्य कराने जा रहा है। इसी कड़ी में खेड़कीदौला से बावल तक अवैध कटों को बंद कर 32 प्रवेश और निकास द्वार बनेंगे। साथ ही पुरानी ड्रेनेज लाइन को ठीक करने और नई ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। हाईवे के मेन कॉरिडोर के साथ दोनों ओर सर्विस लेन को भी ठीक कराया जाएगा, जिससे स्थानीय वाहन चालकों को परेशानी न हो। जरूरत के अनुसार जर्सी बैरियर के अलावा अन्य इंतजाम किए जाएंगे। इन सभी कार्याें को 18 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद करीब 64.4 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह नियंत्रण में होगा। इस पर करीब 193 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
ठेकेदारों ने बढ़ाई परेशानी
एनएच-48 पर मानेसर में जाम की समस्या रहती है। इसके लिए पिछले साल एक ठेकेदार को कार्य दिया था लेकिन वह बीच में छोड़कर चला गया। ऐसे में इसके लिए दोबारा से टेंडर जारी किया कर नई एजेंसी को काम दिया जा रहा है। मानेसर फ्लाईओवर 26 पिलर्स पर 1250 मीटर लंबा बनाया जाना है। नीचे चार लेन की सड़क के साथ सर्विस लेन होगी। करीब 85 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। बिलासपुर में फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था लेकिन काम बंद है। यहां पर नए ठेकेदार को कार्य दिया जाना है। इसके लिए आठ ठेकेदारों ने टेंडर भरा है। उम्मीद है कि जल्द ही कार्य को सिरे चढ़ाया जाएगा।