फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: इटली से बने इंजेक्शन की खेप बरामद, फर्म संचालक सहित दो गिरफ्तार

विज्ञापन
ड्रग कंटोल अ​धिकारी की ओर से पकड़ा गया आरोपी व दवाएं। विभाग
विज्ञापन
ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम का छापा, फर्म संचालक दो दिन की रिमांड पर, कर्मचारी को भेजा जेल
विज्ञापन



नंबर गेम - 13 से 25 हजार रुपये प्रति डोज बाजार में कीमतअमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ड्रग कंट्रोल विभाग ने शनिवार की रात को डीएलएफ फेस-4 इलाके में छापा मारकर एक संदिग्ध इंजेक्शन से भरी गाड़ी को पकड़ा है। गाड़ी में वजन कम करने और डायबिटीज के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन भरे हुए थे, यह इंजेक्शन इटली में बने हैं। ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने मालिक और कर्मचारी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां पर अदालत ने कर्मचारी मुज्जमिल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जबकि फर्म के मालिक अल्वी शर्मा को दो दिन की रिमांड पर लिया है।
विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि एक कंपनी का कर्मचारी इन इंजेक्शनों की अवैध सप्लाई कर रहा है। टीम ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी को रोक लिया और उसमें सवार हैंपर्ट कंपनी कर्मचारी मुज्जमिल को हिरासत में ले लिया। गाड़ी की तलाशी ली गई तो उसमें हजारों इंजेक्शन बरामद हुए। बरामद किए गए इंजेक्शन की कीमत बाजार में 13 से 25 हजार रुपये प्रति डोज तक बताई गई है। यह इंजेक्शन दिल्ली के भागीरथ पैलेस मार्केट से यहां भेजे गए थे, जबकि इसकी बिलिंग गुरुग्राम के एड्रेस की गई है।
विज्ञापन

इटली की कंपनी बनाती है इंजेक्शन



बता दें कि, मौनजारो नामक इंजेक्शन मूल रूप से इटली की एक कंपनी द्वारा बनाया जाता है और शुगर के मरीजों के इलाज में काम आता है लेकिन भारत में इसका गलत इस्तेमाल वजन घटाने के लिए किया जा रहा है। फिलहाल विभाग जांच कर रहा है कि इंजेक्शन की इतनी बड़ी खेप कहां से आई और इसमें कौन-कौन शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चेन का पता लगाकर पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की जाएगी।
असली या नकली की जांच कर रही टीम


ड्रग कंट्रोल अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम इंजेक्शन की पैकिंग, क्वालिटी और असली-नकली की जांच कर रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि ये इंजेक्शन लाइसेंस्ड कंपनी से आए हैं या फिर नकली और बिना अनुमति के बाजार में सप्लाई किए जा रहे थे।


मोटापा कम करने का इंजेक्शन



जब्त इंजेक्शन के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं, रिपोर्ट आने के बाद दवा के सप्लायर और खरीदारों पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा। बरामद इंजेक्शन मुख्य रूप से मोटापा घटाने और डायबिटीज नियंत्रण के लिए इस्तेमाल होते हैं। ऐसे इंजेक्शनों की मांग हाल के दिनों में काफी बढ़ गई है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध तरीके से सप्लाई कर रहे हैं। ड्रग कंट्रोल विभाग नकली दवाओं और अवैध सप्लाई चेन पर लगातार नजर रखे हुए हैं। विभाग ने अपील की है कि दवाइयां सिर्फ लाइसेंसधारी केमिस्ट से बिल लेकर ही खरीदें और इंजेक्शन का बैच नंबर व पैकेजिंग जरूर चेक करें।
विज्ञापन






विभाग को मिली सूचना के बाद छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध इंजेक्शन का जखीरा बरामद हुआ है। एक आरोपी जेल गया है जबकि मास्टर माइंड को दो दिन की रिमांड पर लेकर छानबीन की जा रही है। -अमन चौहान, जिला ड्रग कंट्रोल अधिकारी, गुरुग्राम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें