36 एकड़ में फैले पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के भारत यात्रा केंद्र को इको रिजाॅर्ट बनाए जाने की कवायद
- पहले से मौजूद 50 कमरों का होगा पुनरोद्धार, कैंपिंग की होगी सुविधा
पूनम
गुरुग्राम। देश का आम आदमी प्रधानमंत्री निवास पर ठहरने का गौरव पा सके, ऐसी सोच भी रोमांचित कर जाती है। भविष्य में यह मौका लोगों को मिल सकेगा। देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर द्वारा बनाए गए सोहना रोड के भोंडसी स्थित भारत यात्रा केंद्र को रिजॉर्ट और इको टूरिज्म हब बनाने की तैयारी की जा रही है। भारत यात्रा केंद्र में फिलहाल वन विभाग का ट्रेनिंग सेंटर है। इसमें करीब 36 एकड़ में 50 कमरे बने हैं, जहां प्रधानमंत्री चंद्रशेखर रहा करते थे। ये कमरे अब बदहाली के शिकार हैं। इनका पुनरोद्धार कर रिजॉर्ट बनाए जाने की तैयारी है। इसके अलावा भारत यात्रा केंद्र परिसर में 88 एकड़ की जगह है, जहां नेचर कैंपिंग की जाएगी। गुरुग्राम से करीब 12 किमी दूर सोहना रोड पर भोंडसी गांव में अरावली की तलहटी पर करीब 600 एकड़ जमीन पंचायत ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को भारत यात्रा केंद्र ट्रस्ट के लिए दान में दी थी। बाद में पंचायती की कुछ जमीन लौटा दी गई। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के निधन के बाद इसे भारत स्वाभिमान केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा था।
दक्षिणी क्षेत्र वन संरक्षक डॉ. सुभाष यादव ने बताया कि 36 एकड़ की जगह जहां पूर्व प्रधानमंत्री के कमरे बने हुए हैं, उनकी मरम्मत कर रिजाॅर्ट बना दिया जाएगा। यहां कोई नया निर्माण नहीं हो सकता है। नेचर कैंपिंग की सुविधा भी लोगों को मिलेगी। यहां स्थित पुराना तालाब अब सूख चुका है। उसमें पानी भरे जाने की व्यवस्था की जाएगी।
सियासत का केंद्र था भोंडसी आश्रम
अरावली पहाड़ी की गोद में जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर बसा भारत यात्रा केंद्र, जिसे भोंडसी आश्रम भी कहते हैं, एक जमाने में देश की सियासत का भी केंद्र था। इसकी स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने की थी। हरियाणा के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों में से एक चौधरी देवीलाल के उपप्रधानमंत्रित्व काल के दौरान भी चंद्रशेखर के साथ केंद्र में साये की तरह रहे थे। मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए भी पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल आश्रम में चंद्रशेखर से विचार-विमर्श करने के लिए पहुंचा करते थे। इस तरह प्रदेश की सत्ता की दिशा भी आश्रम से तय होती थी।
पानी की कमी की जागरूकता के लिए की थी भारत यात्रा
देश में पानी की कमी न हो, इसके लिए लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए चंद्रशेखर ने कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद स्मारक से छह जनवरी 1983 से पदयात्रा शुरू की थी। उन्होंने लगभग 4200 किलोमीटर की पदयात्रा की। यात्रा का समापन 25 जून 1984 को दिल्ली के राजघाट पर किया। यात्रा के दौरान वे कई स्थानों पर ठहरे। कुछ जगहों पर उन्होंने अपने विचारों का केंद्र बनाया। इनमें से एक सोहना रोड स्थित भोंडसी गांव का भारत यात्रा केंद्र भी था। भोंडसी गांव पंचायत के आग्रह पर ही चंद्रशेखर ने केंद्र गांव में बनाने का निर्णय लिया था। पंचायत ने पहले लगभग 88 एकड़ जमीन दी थी।