इस पर 6 जुलाई 2021 को सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत एडिशनल थाना प्रभारी सदर थाना सोहना सतेंद्र के पास गई और उन्होंने मिलने के लिए बुलाया और उससे बयान दर्ज कराने के लिए कहा। पीड़ित ने कहा कि जो शिकायत उसने दर्ज कराई है वही उसका बयान है लेकिन उन्होंने मुझसे कंप्लेंट के सभी दस्तावेज अपने पास रख लिए और तोड़ मरोड़कर बयान दर्ज कर लिए। इससे पीड़ित सहमत नहीं था लेकिन जैसे तैसे उन्होंने खाते में एक से डेढ़ लाख रुपए डलवा दिए लेकिन पूरे पैसे नहीं दिए। बाद में पीड़ित ने सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई।
अनिल को एसडीएम कार्यालय से फोन आया और सुबह 11 बजे गुरुग्राम ग्रीवेंस में पहुंचने के लिए कहा। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने मेरी शिकायत को सुना बहुत अच्छी तरह से ध्यान दिया और तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। थाना प्रभारी को सस्पेंड कर अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए और मुझे मुख्यमंत्री से न्याय मिला। मालूम हो कि अनिल ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि उसको रघुराज, आकिब व पन्नालाल ने पीएमओ का हवाला देकर नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपए हड़पे और धोखाधड़ी की।