गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने बृहस्पतिवार को फर्रुखनगर में स्थापित मृदा परीक्षण लैब (सॉयल टेस्टिंग लैब) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही जिले में मृदा परीक्षण लैब की संख्या बढ़कर तीन हो गई हैं। सीएम मनोहरलाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बृहस्पतिवार को प्रदेश के 14 जिलों में 40 मृदा परीक्षण लैब का उद्घाटन किया। इसके बाद अब तेजी से प्रदेश में मृदा परीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार ने पहले चरण में प्रदेश की 25 लाख एकड़ भूमि का मृदा परीक्षण करने का लक्ष्य रखा है। इसमें गुरुग्राम जिले की 25 हजार एकड़ भूमि शामिल होगी।
इस दौरान बादशाहपुर के विधायक व हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के चेयरमैन राकेश दौलताबाद भी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि तकनीक की मदद से फसलों की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए कृषि भूमि योग्य मिट्टी की स्वास्थ्य जांच करने का कार्यक्रम चलाया है। कार्यक्रम के तहत प्रदेश में कुल उपलब्ध 75 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि की मृदा परीक्षण किया जाएगा। कार्य में शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही आय भी अर्जित करें नामक कार्यक्रम के तहत स्कूल व कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का सहयोग लिया जाएगा।
कॉलेजों में भी शुरू होगी मृदा परीक्षण की सुविधा
इसके साथ ही वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तथा कॉलेजों की केमिस्ट्री लैब में मृदा परीक्षण की सुविधा शुरू की जाएगी। अपने खेत की मिट्टी के नमूने लेकर आने वाले विद्यार्थियों को 40 रुपये प्रति परीक्षण मिलेंगे। उन्होंने कहा कि खेत की मिट्टी का परीक्षण होने के बाद किसानों को अपने खेत में कौन सी फसल की बिजाई करनी चाहिए, इस बारे में ठीक से परामर्श दिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि जैसे डॉक्टर टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर इलाज करते हैं उसी प्रकार मृदा परीक्षण के बाद किसानों को भूमि की उर्वरा शक्ति में अवरोध उत्पन्न करने वाली वजहों का पता चल सकेगा।
उर्वरा शक्ति के बारे में होगी जानकारी
सीएम मनोहरलाल ने कहा कि ये लैब हर खेत-स्वस्थ खेत की अवधारणा को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से स्थापित की जा रही हैं। इससे किसानों को पता लगेगा कि भूमि की उर्वरा में क्या कमी है और कितनी मात्रा में क्या डालना चाहिए। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 भी संचालित किया गया है, जिस पर संपर्क करके किसान इन लैब के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सोहना व गुरुग्राम के खेतों से लिए जाएंगे मिट्टी के नमूने
पहले चरण में जिले के सोहना व गुरुग्राम अंतर्गत किसानों के खेतों की भूमि का मृदा परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद, अन्य इलाकों का अगले दो चरणों में मृदा परीक्षण किया जाएगा। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. प्रताप सिंह संभ्रवाल ने बताया कि जिले में मौजूदा समय में मृदा परीक्षण लैब लघु सचिवालय के समीप तथा कृषि विज्ञान केंद्र शिकोहपुर में संचालित की जा रही हैं। फर्रुखनगर में 14 लाख रुपये खर्च कर मृदा परीक्षण लैब स्थापित की गई है। इसमें अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से मृदा परीक्षण किया जाएगा।