जिले की सात पंचायतें प्लास्टिक मुक्त हुईं और भी करें कोशिश
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने कहा कि सरकार की ओर से सेवा पखवाड़ा एवं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के आदेशों की अनुपालना में 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान उपायुक्त अखिल के मार्गदर्शन में जिले के सभी गांवों में चलाया जा रहा है।
एडीसी प्रदीप सिंह मलिक ने कहा कि सभी ग्रामीण तन-मन से सामूहिक प्रयास कर आलदूका को एक आदर्श मॉडल गांव बनाएं। स्वच्छता, पौधरोपण, नाली व रास्तों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, गंदे पानी की निकासी और लाडो लक्ष्मी योजना जैसी सुविधाओं को लेकर गांव को ऐसा स्वरूप दिया जाए कि अन्य गांव भी इसे देखकर प्रेरित हों।
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत चलाए जा रहे इस अभियान की शुरुआत एडीसी प्रदीप सिंह मलिक ने नूंह जिले के सांसद आदर्श गांव आलदूका में झाड़ू लगाकर एवं पौधरोपण कर की। उन्होंने ग्रामीणों को संदेश देते हुए कहा कि स्वच्छता और हरियाली ही स्वस्थ जीवन की नींव है।
यह पंचायतें हुईं प्लास्टिक मुक्त
बीवां, आटा, रनयाली, शादीपुर, बसई खानजादा, भूरियाकी व दादू ने स्वयं को प्लास्टिक मुक्त घोषित किया है। इन गांवों का चयन खंडवार एक-एक गांव के आधार पर किया गया था। जिला स्तर पर गठित कमेटी की ओर से चयनित सबसे स्वच्छ तीन गांवों को 24 सितंबर को सम्मानित किया जाएगा। वहीं, जिले से एक गांव को राज्य स्तर पर 26 सितंबर को सम्मानित करने हेतु भेजा जाएगा।