एचएसवीपी और डीटीपी विभाग लेंगे अंतिम निर्णय फैसला, सुशांतलोक और सेक्टर-31 में एक-एक इमारत में आई हैं दरारें
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सुशांतलोक-1 के ब्लॉक-सी में पांच मंजिला इमारत और सेक्टर-31 में चार मंजिला इमारत के झुकने के मामले में सिविल डिफेंस ने दोनों इमारतों को असुरक्षित करार दिया है। ऐसे में फिलहाल इन दोनों इमारतों में लोगों को रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि, दोनों इमारतों को तोड़ने का अंतिम फैसला नगर एवं ग्राम योजनाकार विभाग (डीटीपी प्लानिंग) और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारी लेंगे। दोनों विभागों द्वारा सिविल डिफेंस की टीम से इमारतों के स्ट्रक्चर की जांच कराई थी। जांच के बाद सिविल डिफेंस ने दोनों इमारतों के असुरक्षित होने की वजह से तोड़ने का अनुमोदन किया है।
जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्लानिंग ने प्लॉट नंबर सी-1769 के इमारत प्लान की मंजूरी को रद्द कर दिया है। साथ ही सी-1770 में बनी पांच मंजिला इमारत के मालिकों को स्ट्रक्चरल इंजीनियर की मदद से इमारत की स्थिति का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। डीटीपी प्लानिंग ने सब रजिस्ट्रार को इमारत नंबर सी-1770 की रजिस्ट्री नहीं करने के लिए कहा गया है।
वहीं, दूसरी ओर सेक्टर-31 में इमारत नंबर-769 में आई दरारों व झुकने के कारण चार परिवार सड़क पर आ गए हैं। प्लॉट नंबर-770 में पुराना भवन बना हुआ था। उसके मालिक द्वारा पुराना भवन तोड़कर नई इमारत बनाने का काम किया जाना है। प्लॉट नंबर-770 में तोड़-फोड़ के बाद नींव की खोदाई की वजह से इमारत में दरार आ गई थी। इमारत की तीसरी मंजिल पर रहने वाले अमित वशिष्ठ ने बताया कि एचएसवीपी के अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है। इस इमारत में चार परिवार रहते हैं। प्रशासन द्वारा इमारत को खाली कराने पर चारों परिवार सड़क पर आ गए हैं। फिलहाल चारों परिवार अपने-अपने रिश्तेदारों व जानकारों के पास रह रहे हैं। इमारत की पहली मंजिल पर रहने वाले प्रवेश कुमार अत्री ने बताया कि रविवार को प्लॉट नंबर-770 में मलबा डलवाने के लिए दो ट्रक भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने दोनों ट्रकों को वापस लौटा दिया है। उनका कहना था कि प्लॉट नंबर-770 का मालिक मलबा डालकर उन साक्ष्यों को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा था, जिस कारण उनकी चार मंजिला इमारत झुकी है व उसमें दरारें आई हैं। इमारत को लेकर एचएसवीपी के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
सिविल डिफेंस से चीफ वार्डन मोहित शर्मा का कहना है कि दोनों इमारतों के स्ट्रक्चर की जांच की गई है। इमारतों परिवारों के रहने की स्थिति में नहीं है। दोनों इमारतों के स्ट्रक्चर ऑडिट की रिपोर्ट डीटीपी प्लानिंग और एचएसवीपी को भेजी हैं। संबंधित विभागों को ही दोनों मामलों में अंतिम निर्णय लेना है।
प्लॉट नंबर-770 के मालिक को नोटिस जारी कर दिया है। इमारत में फिलहाल कोई निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता, जब तक साथ वाली चार मंजिला इमारत को लेकर काेई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा। सेक्टर-31 में झुकी हुई इमारत को लेकर स्ट्रक्चर की जांच की जा रही है। - राकेश सैनी, एस्टेट अधिकारी, एचएसवीपी, गुरुग्राम