जिलाधीश ने सात अगस्त 15 दिन में परिसर खाली करने का आदेश दिया था
फ्लैट मालिकों की मांग, बिल्डर सामान शिफ्ट करने के 40 हजार रुपये और छह माह का एडवांस किराया दे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के जे टावर में रह रहे आठ परिवारों ने अभी फ्लैट खाली नहीं किए हैं। उनकी मांग है कि बिल्डर सामान शिफ्ट करने के 40 हजार रुपये और छह माह का एडवांस किराया दे।
चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि जे टावर में 52 परिवार रहते थे। मौजूदा समय में यहां आठ परिवार रह रहे हैं। उनका कहना है कि इन लोगों ने अभी फ्लैट खाली नहीं किए हैं। हुड्डा ने बताया कि लोगों की मांग है कि उन्हें सामान शिफ्ट करने के लिए 40 हजार रुपये और छह माह का किराया दिया जाए। जो लोग फ्लैट खाली कर चुके हैं, उन्हें किराया नहीं मिल रहा है। ऐसे में इन लोगों के मन में आशंका है कि फ्लैट खाली करने के बाद अपनी जेब से किराया देना होगा। कब तक फ्लैट मिलेगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में लोग चाहते हैं कि उन्हें बिल्डर फ्लैट निर्माण की समय सीमा तय करें और किराया दे।
बता दें कि जिलाधीश द्वारा सात अगस्त को जारी आदेशों में कहा गया था कि आईआईटी दिल्ली ने स्ट्रक्चर ऑडिट रिपोर्ट ( 5 जनवरी 2024) के तहत टावर जे को रहने के हिसाब से असुरक्षित घोषित किया था। इसी रिपाेर्ट के आधार पर जिलाधीश ने टावर जे में रह रहे निवासियों के जीवन और संपत्ति के खतरे को देखते हुए तत्काल निकासी के आदेश दिए थे। आदेश में 15 दिनों के भीतर परिसर खाली करने और कब्जे को चिंटेल्स इंडिया प्राइवेट को सौंपना है।
पानी, बिजली और फायर को शिफ्ट करने का चल रहा काम
सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के असुरक्षित पांच टावरों को तोड़ने काम चल रहा है। इसके तहत असुरक्षित टावरों से केंद्रीयकृत बिजली, पानी व फायर सिस्टम को निकालकर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके बाद एडिफिस कंपनी टावरों को तोड़ने का काम बड़े स्तर पर शुरू करेगी। चिटेल्स इंडिया के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि सुरक्षित ए, बी और सी टावर के लोगों के लिए बिजली, पानी और फायर जैसी सुविधाएं देनी हैं। ऐसे में असुरक्षित टावरों को तोड़ने से पहले इन सुविधाओं को बाहर किया जा रहा है। कंपनी ने पांच टावरों के फ्लैटों में लगी खिड़कियों, पाइप, दरवाजे, फायर सिस्टम समेत अन्य सामानों को निकाल लिया है।