दोनों पक्षों ने थाने में दी है शिकायत, बिल्डर ने थाने में दिया जवाब, कहा असुरक्षित टावरों में बाहरी व्यक्ति को नहीं देंगे प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के लोगाें और बिल्डर के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है। सोसाइटी के लोगों की शिकायत के जवाब में चिनटेल्स मैनेजमेंट की तरफ से बजहेड़ा थाने में शिकायत दी गई है। इसमें कहा गया है कि टावर जी और एच को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद भी कुछ लोग उसमें अवैध रूप से रह रहे हैं। ऐसे लोगों पर केस दर्ज कराने की बात की जा रही है।
चिनटेल्स का कहना हैं कि लोग गलत तरीके से फ्लैट में रह रहे हैं और किसी भी नौकरों को वहां जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शिकायत के जवाब में चिनटेल्स प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि जिलाधीश के आदेशों के बावजूद इन लोगों ने फ्लैट खाली नहीं किए हैं। असुरक्षित घोषित किए गए टावरों में रह रहे लोगों को अब बिल्डर की तरफ से वन टाइम शिफ्टिंग चार्ज के तौर पर 40 हजार रुपये का ऑफर भी दिया जा रहा है। बता दें कि कुछ दिनों से चिनटेल्स मेंटेनेंस एजेंसी ने लोगों का प्रवेश असुरक्षित टावरों में बंद कर दिया है।
ऐसे में निवासियों ने इनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी कि टावर जी और एच में निवासियों के विजिटर्स के आने जाने पर अवैध रूप से रोक रही है। कंपनी के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने कहा कि जल्द ही असुरक्षित टावरों में रह रहे लोगों पर एफआइआर भी करवाएंगे। उन्होंने कहा कि असुरक्षित टावरों तो तोड़ने की भी कार्रवाई चल रही है। बेहतर होगा कि लोग इन टावर को खाली कर दें।
बता दें कि 10 फरवरी 2022 को डी टावर में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने रिपोर्ट नवंबर 2022 में सौंप दी थी। इसमें पांच टावरों को अनसेफ घोषित कर दिया गया था। वहीं, चार टावरों को आईआईटी की टीम ने रहने योग्य घोषित किया था। इसमें लोग अभी रह रहे हैं। असुरक्षित घोषित टावरों में अभी एच टावर में करीब 15 परिवार रह रहे हैं।