गुुरुग्राम। प्रदेश में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है, लेकिन जिले में बर्ड फ्लू का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। पशु पालन विभाग ने जिले के पोल्ट्री फार्मों को अब तक बर्ड फ्लू के प्रकोप से मुक्त बताया है। वहीं, पक्षियों के लिए भोपाल लैब में भेजे गए नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
8 जनवरी को एक बगुला व एक कौवे का नमूना जालंधर लैब में जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी प्राथमिक रिपोर्ट संदिग्ध थी। उसके बाद नमूनों को दोबारा जांच के लिए भोपाल की लैब में भेजा गया था। भले ही गुुरुग्राम अब तक बर्ड फ्लू से अछूता रहा हो लेकिन स्वास्थ्य विभाग व वन विभाग की टीमें सतर्क हैं। खास तौर पर वन्य जीव संरक्षण विभाग अपने स्तर पर इसकी निगरानी कर रहा है। वहीं, वन विभाग भी पक्षियों पर नजर रख रहा है। पशु चिकित्सा विभाग पोल्ट्री फॉर्म पर नजर बनाए हुए है। पशुपालन विभाग की डिप्टी डायरेक्टर पुनीता गहलावत ने बताया कि अभी तक की जांच व नियमित निरीक्षण में पोल्ट्री फॉर्म बर्ड फ्लू के प्रकोप से मुक्त हैं। वहीं, पक्षियों के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। भोपाल की लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
22 टीमें कर रही हैं निगरानी
बर्ड फ्लू को देखते हुए प्रशासन की तरफ से गठित 22 रैपिड रिस्पांस टीमें (आरआरटी) पक्षियों की निगरानी कर रही हैं। वहीं, इस बारे में प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। प्रशासन की सलाह के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति मुर्गियों के सीधे संपर्क में न आए और मुर्गियों को पकड़ने के दौरान दस्ताने या किसी भी अन्य सुरक्षा साधन का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें। प्रशासन के मुताबिक, पक्षियों के पंख, म्यूकस और बींठ को नहीं छूएं। किसी वजह से छुए जाने की स्थिति में साबुन से तुरंत अच्छी तरीके से हाथ धोएं और मुर्गियों को बाड़े में रखें। संक्रमित पक्षियों को मारकर उनका सुरक्षित निपटान करें।