फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने के आरोप में दो लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पंजाब के मुख्यमंत्री के कथित वायरल वीडियो विवाद मामले में गुरुग्राम पुलिस ने मंगलवार शाम डीएलएफ सेक्टर-29 थाना में प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही, अपराध शाखा सेक्टर-40 की टीम ने दो आरोपियों सिरसा निवासी अंकित महेन्दरु (25 साल) और जींद निवासी अंकित (25 साल) को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि वायरल वीडियो से संबंधित फर्जी फॉरेंसिक एवं साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने के कथित षड्यंत्र में ये शामिल रहे हैं।
पुलिस आयुक्त शिबास कबिराज ने बताया कि इस मामले में पुलिस को सिरसा गोविंद नगर के रहने वाले जसप्रीत सिंह ने शिकायत दी थी। वह डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर जांच एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य विश्लेषण से संबंधित कार्यों से जुड़े हुए हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने खुद को पंजाब सरकार में वरिष्ठ अधिकारी बताकर इनसे संपर्क किया। शिकायतकर्ता को एक वायरल वीडियो के संबंध में ऐसी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने के लिए कहा गया, जिसमें पूर्व निर्धारित निष्कर्षों के अनुरूप वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान से इन्कार किया जाना था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे इस कार्य के लिए विभिन्न व्यक्तियों से संपर्क करवाया गया। कथित रूप से फर्जी या संदिग्ध साइबर एवं फॉरेंसिक संस्थाओं के नाम से रिपोर्ट तैयार करवाई गई। तैयार की गई रिपोर्टों में बार-बार संशोधन करवाकर उन्हें एक विशेष निष्कर्ष की दिशा में मोड़ा गया। मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि शिकायतकर्ता को कथित रूप से 10 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई। रिपोर्ट तैयार करने में शामिल अन्य व्यक्तियों को भी विभिन्न माध्यमों से भुगतान किया गया। बाद में तथ्यों की जांच करने पर संबंधित संस्थाओं एवं रिपोर्टों की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ। जब शिकायतकर्ता ने इस संबंध में आपत्ति जताई तो उसे कथित रूप से धमकियां दी गईं और मामले को सार्वजनिक न करने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत पर गुरुग्राम पुलिस ने मामले में एसीपी क्राइम 1 नवीन शर्मा ने जांच की।
प्रारंभिक जांच, तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर डीएलएफ सेक्टर-29 थाना में मंगलवार शाम को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस उपायुक्त अपराध हितेश यादव के मार्गदर्शन में अपराध शाखा सेक्टर-40 प्रभारी की टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने मामले में शामिल 2 आरोपियों को मंगलवार को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस टीम पूछताछ कर रही है। पूछताछ में फर्जी फॉरेंसिक एवं साइबर रिपोर्ट तैयार करने में शामिल व्यक्तियों की पहचान, रिपोर्ट तैयार करने वाली संस्थाओं की वास्तविकता एवं वैधता की जांच का पता लगाया जा रहा है।
साथ ही, इन्हें मिले रुपयों के स्रोत, वितरण एवं वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है। पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य व्यक्तियों एवं संभावित लाभार्थियों की पहचान, डिजिटल साक्ष्यों के साथ की गई किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। साथ ही हेरफेर की जांच सहित मामले में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण के बारे में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस टीम जल्द ही इनसे पूछताछ के बाद केस में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी कर सकती है। पुलिस के अनुसार जरूरत पड़ने पर विभिन्न राज्यों की एजेंसियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया जाएगा।