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Gurugram News: कागजों में गाड़ियां और जेब में करोड़ों

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रविवार को वाहनों की जांच करने पर मेयर को मिलीं कई खामियां, बढ़ा विवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम मानेसर की मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर यादव रविवार को संयुक्त आयुक्त और कुछ पार्षदों के साथ डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों की जांच करने पहुंचीं। जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं। कुछ वाहनों और कर्मचारियों से जुड़े जरूरी कागजात पूरे नहीं मिले, जिस पर पार्षदों ने सवाल उठाए। इसी दौरान निजी सफाई एजेंसी के प्रतिनिधि गौरव जोशी और पार्षदों के बीच बहस शुरू हो गई। इससे मौके पर माहौल गरमा गया और पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया। स्थिति लगातार बिगड़ती देख मेयर ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस को बुलाया।
हंगामे के बीच पार्षदों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि सफाई एजेंसी, नगर निगम के कुछ अधिकारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों के बीच मिलीभगत हो सकती है। पार्षदों के अनुसार कागजों में गाड़ियां और कर्मचारी दिखाकर करीब 60 प्रतिशत यानी लगभग चार करोड़ रुपये का भुगतान ले लिया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर सफाई का काम काफी कमजोर है।
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वार्ड नंबर 13 के पार्षद रविंद्र ने बताया कि सफाई एजेंसी की गड़बड़ियों का अब खुलासा हो चुका है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कई कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम नहीं मिला, जबकि नियमों के अनुसार सभी वाहनों में यह व्यवस्था होनी जरूरी है। पार्षद का कहना है कि जीपीएस नहीं होने के कारण गाड़ियों की सही मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही थी और एजेंसी कागजों में काम दिखाकर भुगतान ले रही थी।

मेयर के पति ने भी बीते दिनों की थी वाहनों की जांच
मेयर के पति ने भी बीते दिनों जांच के दौरान एजेंसी पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद डॉ. इंद्रजीत कौर यादव ने रविवार को गाड़ियों की जांच शुरू कर दी। लगातार हो रही चेकिंग के चलते कूड़ा उठाने का काम प्रभावित होने लगा है और कई इलाकों में सफाई व्यवस्था बिगड़ती दिख रही है। इस स्थिति का असर सीधे आम लोगों पर पड़ रहा है, क्योंकि समय पर कूड़ा नहीं उठने से जगह-जगह गंदगी की समस्या बढ़ रही है। फिलहाल नगर निगम और एजेंसी के बीच चल रहे इस विवाद का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ नजर आ रहा है। नगर निगम में 20 वार्ड हैं और निगम सफाई व्यवस्था ठीक करने में जुट गया है।
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मेयर पति पर मुनाफे का 50 प्रतिशत हिस्सा देने का आरोप
निजी सफाई एजेंसी के सीईओ गौरव जोशी ने आरोप लगाया है कि उन पर मेयर के पति की ओर से दबाव बनाया जा रहा था कि टेंडर से होने वाले मुनाफे का 50 प्रतिशत हिस्सा उन्हें दिया जाए। हालांकि डॉ. इंद्रजीत कौर यादव ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि यह आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है। इस विवाद के बाद पार्षदों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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