पुलिस ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार
बिहार के सिवान में कॉल सेंटर चलाकर साइबर ठगी की वारदातों को देते थे अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से कंपनी मालिक बताकर अकाउंटेंट से ठगी करने के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने पांच आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी बिहार के सिवान में कॉल सेंटर चलाकर साइबर ठगी के रुपयों को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करने की वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस ने आरोपियों से 17 मोबाइल, तीन लैपटॉप और दो डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस 29 मई व 30 मई को चार आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। साइबर अपराध थाना दक्षिण की पुलिस ने मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ करके और तकनीकी टीम के सहयोग से सिवान (बिहार) पहुंची। पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने पर दबिश दी तो एक बंद कमरे में पांच युवक मोबाइल व लैपटॉप से विभिन्न बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कर रहे थे। पुलिस ने जब उनसे बैंकों में ट्रांजेक्शन करने से संबंधी वैध दस्तावेज मांगे तो वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान सिवान (बिहार) के खैरथल गांव निवासी आफताब, मोहम्मद आरिफ, इरशाद हुसैन, वजीर अली और अमलेश कुमार के रूप में हुई है।
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके गांव का एक अन्य साथी उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराता है और लोगों से विभिन्न मध्यमों से ठगी गई राशि को उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए बताया है। पांचों युवक उस व्यक्ति के कहे अनुसार ही बैंकों में रुपये ट्रांसफर करते हैं। इसके बदले उन्हें प्रतिमाह 20-20 हजार रुपये वेतन और ट्रांसफर की गई राशि का 10 फीसदी हिस्सा देता है। मामले में ठगी गई राशि में से 1.60 करोड़ रुपये आरोपियों को उपलब्ध कराए बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। बाद में पांचों आरोपियों द्वारा उन रुपयों को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। आगामी कार्रवाई के लिए पांचों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।