पुलिस ने एप के माध्यम से लोन लेने वाले लोगों से रिकवरी के नाम पर अश्लील फोटो व धमकी भरे मैसेज भेजकर वसूली करने वाले कॉलसेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से नौ महिलाओं समेत 38 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 27 लैपटॉप, 44 मोबाइल, 1.70 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। पुलिस मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
डीसीपी मुख्यालय आस्था मोदी ने बताया कि शुक्रवार की रात साइबर थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि उद्योग विहार फेज-1 के प्लॉट नंबर-26 के प्रथम तल पर एक फर्जी कॉलसेंटर चल रहा है। एसीपी क्राइम इंदीवर के नेतृत्व में छापा मारकर कॉल सेंटर से नौ महिलाओं और 29 युवकों को पकड़ लिया। सभी ऑनलाइन चाइनीज व अन्य एप के माध्यम से लोन लेने वाले लोगों से वसूली के लिए कॉल कर रहे थे।
कॉलसेंटर के मालिक अभिनव निवासी जिला झज्जर और शांतनु निवासी पुठ कला रोहिणी दिल्ली है। दोनों से कॉलसेंटर के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह नहीं दिखा सके। सभी के खिलाफ साइबर थाने में वसूली, धोखाधड़ी, धमकी देने, आईटीएक्ट समेत अन्य कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ऐसे करते थे वसूली
एसीपी क्राइम प्रीतपाल सांगवान ने बताया कि अभिनव व शांतनु को मनीष निवासी दिल्ली और प्रदीप निवासी भिवानी लोन लेने वाले लोगों की जानकारी, लोन आईडी, मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते थे। लोन लेने वाले लोगों को समय से पहले रुपये जमा करने का दबाव बनाते थे। नहीं देने पर गाली गलौज और अभद्रता तक करते थे। इसके बाद मोबाइल हैक करके उनकी गैलरी से फोटो निकाल लेते थे। फोटो को एडिट कर अश्लील फोटो बनाना और धमकी देकर वसूली करना इनका काम था। जो व्यक्ति रुपये नहीं देता था उसके अश्लील फोटो, वीडियो और गाली वाले मैसेज रिश्तेदार, दोस्त को भी व्हाट्सएप पर भेजकर बदनाम करते थे।